रतलाम के आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड के मामले में नायब तहसीलदार सविता राठौर के खिलाफ निलंबन और हत्या का केस दर्ज करने की मांग पटवारियों ने की है। पटवारी और परिजन मंगलवार रात थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंचे और धरने पर बैठ गए। धरने में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जयस के नेता भी शामिल हुए। रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने नायब तहसीलदार को आलोट से हटाकर रतलाम कार्यालय में अटैच कर दिया है। पटवारियों का कहना था कि हमारे साथी ने मौत के पहले जो लेटर लिखा है। उसे मृत्यु पूर्व बयान माना जाए। पटवारी रात 11.30 बजे थाने पहुंचे। जो बुधवार सुबह 4.30 बजे तक थाने पर डटे रहे। पहले थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने समझाया कि मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। पीएम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी लेकिन पटवारियों का कहना था कि अभी नायब तहसीलदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करें। थाना प्रभारी ने कहा कि आपकी जो भी मांग है, वह लिखकर हमें दे। हम उसकी जांच करवा लेंगे। अधिकारी समझाने आए, नहीं माने इसके बाद पटवारी थाने में ही जमीन पर बैठ गए। रात में एसडीएम आर्ची हरित, नायब तहसीलदार पिंकी साठे, रामचंद्र पांडेय पहुंचे। पटवारियों के साथ नीचे जमीन पर बैठ गए। काफी देर तक पटवारियों को समझाया। लेकिन नहीं माने। पटवारियों का कहना था कि इसकी जगह अगर दूसरा घटनाक्रम होता और पटवारी पर आरोप लगता तो आप हमारे खिलाफ तुरंत कार्रवाई कर देते। आज हमारा साथी एक अधिकारी के दबाव के कारण मरा है। सैलाना विधायक पहुंचे रात में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जयस के नेता चंदू मईड़ा समेत अन्य आदिवासी नेता भी पहुंचे। पटवारियों के साथ जमीन पर बैठ गए। नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रात में पटवारियों ने घटनाक्रम की जांच, नायब तहसीलदार सविता राठौर के निलंबन और केस दर्ज करने की मांग का एक मांग पत्र एसडीएम कौ सौंप कार्य बंद करने की चेतावनी दी। गांव लेकर जाएंगे शव मृतक पटवारी का बुधवार सुबह पीएम होगा। परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव जाएंगे। पटवारियों के काम बंद करने की चेतावनी के बाद नायब तहसीलदार सविता राठौर को आलोट से हटाकर रतलाम भू-अभिलेख कार्यालय में अटैच कर दिया है। हालांकि निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई है। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया नायब तहसीलदार के दबाव के कारण हमारे साथी ने मौत को गले लगाया है। नायब तहसीलदार सविता राठौर ने नियम विपरीत काम कराने का अनुचित दबाव बनाया गया। भाई की शादी में भी छुट्टी नहीं दी गई। हमारी मांग यह है नायब तहसीलदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर निलंबन किया जाए। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा नायब तहसीलदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रयास का केस दर्ज होना चाहिए। कार्रवाई नहीं होती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही कलेक्टर मिशा सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि नायब तहसीलदार को आलोट से हटाकर रतलाम अटैच किया है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। पटवारी की मौत के पहले की तस्वीरे भी सामने आई… जानें क्या था पूरा मामला रतलाम में मंगलवार को एक पटवारी ने घर में साफे से फांसी लगा ली। 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर डाले पत्र में उसने महिला नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। रविवार को ही रविशंकर के छोटे भाई सिद्धार्थ की शादी हुई थी। भाई की शादी के रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचा रविशंकर के भाई सिद्धार्थ की शादी के कार्यक्रम बीते 3 दिन से पैतृक गांव बड़ी सरवन में चल रहे थे। 19 अप्रैल को बारात राजस्थान के बांसवाड़ा के पास तारवाखाटी गई थी। शादी के बाद 20 अप्रैल को बारात गांव लौटने के बजाय रतलाम स्थित उनके घर पहुंची। उसी शाम बरबड़ हनुमान मंदिर परिसर के जानकी मंडप में रिसेप्शन रखा गया था। सिद्धार्थ खराड़ी ने बताया- रविशंकर बांसवाड़ा से बारात रवाना होने से पहले ही रतलाम के लिए निकल गया था। जब हम लोग घर पहुंचे तो उसका मोबाइल बंद मिला। हमने सोचा कि वह कहीं गया होगा। जल्द ही वापस आ जाएगा। इसके बाद सभी लोग रिसेप्शन की तैयारियों में जुट गए। कॉल करने पर रविशंकर का मोबाइल बंद आ रहा था। वह रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचा। देर रात करीब 2 बजे वह घर लौटा और तीसरी मंजिल पर बने कमरे में जाकर सो गया। पत्नी ने दरवाजा खोला तो फंदे से लटका मिला सिद्धार्थ ने कहा- मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मैं उसके कमरे में गया। वह बिस्तर पर लेटा था। चाय-नाश्ते के बारे में पूछने पर उसने कहा कि थोड़ी देर में नीचे आ जाएगा। दोपहर करीब 3 बजे दोबारा कमरे पर जाकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद भाभी रीना उसे उठाने के लिए कमरे में गईं। धक्का देकर दरवाजा खोला तो वह जोर से चिल्लाईं। चीख सुनकर परिवार के लोग पहुंचे तो देखा कि रविशंकर पंखे से फंदा लगाकर लटका था। सूचना मिलने पर पुलिस जांच के लिए पहुंची। रविशंकर के कमरे में तलाशी ली तो एक लेटर मिला। इसमें क्या लिखा है, इसका खुलासा नहीं किया गया है। छोटे भाई सिद्धार्थ खराड़ी ने जांच कर रहे एसआई से लेटर मांगा ताकि परिवार के पास सबूत रहे लेकिन एसआई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं हुए। बाइक लेकर जाने लगे तो सिद्धार्थ ने दौड़ते हुए रोक लिया। हंगामे की स्थिति बनी तो वहां मौजूद थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी आगे आए। रघुवंशी ने सिद्धार्थ को समझाया। जांच की बात कही। सोशल मीडिया पर 15 दिन पुराना लेटर वायरल रविशंकर द्वारा लिखा गया एक अन्य लेटर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। इसमें लिखा है- मेरा नाम रविशंकर खराड़ी है। मैं हल्का नंबर 34 में पटवारी हूं। मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौड़ द्वारा लगातार काम का दबाव बनाया जा रहा है। मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बटांकन और फर्द में प्रेशर डालकर बदलाव कराया गया है। नायब तहसीलदार के दबाव के कारण मैं अपने छोटे भाई की शादी में भी ध्यान नहीं दे पाया। कई परिचितों को लग्न पत्रिका देने तक का समय नहीं मिल सका। मुझे कई बार उनके क्वार्टर पर बुलाया गया और यह तक कहा गया कि मेरे भाई की शादी अच्छे से नहीं होने देंगी। इसकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। मुझे क्वार्टर पर बुलाकर गलत काम कराने की बात भी रिकॉर्डिंग में है। इन सबके सामने आने पर मेरे खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। मैं इस तरह के दबाव में नौकरी नहीं कर सकता। रविशंकर की मां केसर खराड़ी ने बताया- बेटा कहता था कि मैडम परेशान करती है। किसी काम के ऐवज में किसान से रुपए लेने के लिए बेटे पर दबाव बनाया गया था। 4 साल की बेटी, पत्नी प्रेग्नेंट, परिवार साथ रहता था रविशंकर खराड़ी की 4 साल की बेटी है। पत्नी रीना प्रेग्नेंट है। मां, छोटा भाई सिद्धार्थ और 16 साल की बहन साथ रहते हैं। रविशंकर ने नौकरी के चलते आलोट में भी कमरा किराये पर ले रखा था। लेडी नायब तहसीलदार का नाम लिखकर पटवारी ने किया सुसाइड रतलाम जिले के आलोट में एक पटवारी द्वारा घर में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है। मृतक रविशंकर खराड़ी ने करीब 15 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा कर महिला नायब तहसीलदार पर प्रताड़ना और काम के दबाव के गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद उसके कमरे से एक और सुसाइड नोट मिला है, हालांकि पुलिस ने इसकी सामग्री का खुलासा नहीं किया है। परिवार के मुताबिक, रविशंकर मानसिक दबाव में था और हाल ही में भाई की शादी के बीच भी परेशान नजर आ रहा था। इस घटना के बाद परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी है। पढ़े पूरी खबर…
