नेपाल के मुस्तांग जिले में रविवार को भारी बारिश के बीच पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर कालीगंडकी नदी में जा गिरा। इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल है। इसमें चट्टानों और मिट्टी का पूरा मलबा कुछ ही सेकेंड में ढलान से नीचे आता दिख रहा है। देखते-देखते नदी का रास्ता मलबे से भर गया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों की चीखें सुनाई दे रही हैं। नेपाल 1 महीने में दूसरी बार भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। इससे पहले 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई थी। इसमें 1453 लोगों की मौत हुई, जबकि 5500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। पहाड़ टूटकर गिरने से जुड़ी 3 तस्वीरें 24 घंटों में बाढ़, भूस्खलन से जुड़े 272 हादसे हुए राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में नेपाल के अलग-अलग जिलों में बाढ़, भूस्खलन, भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं समेत 272 हादसे हुए। इन घटनाओं में 21 लोगों की मौत हुई है, 4 लोग लापता हैं और 26 लोग घायल हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा भूस्खलन की 97 घटनाएं हुई हैं। इनमें 19 लोगों की मौत हुई, 4 लोग लापता हैं और 4 घायल हुए हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी 3 तस्वीरें चितवन में दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर चितवन जिले में रविवार सुबह नारायणी नदी और रिउ नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। देवघाट में नारायणी नदी का जलस्तर 9.23 मीटर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 9 मीटर है। रिउ नदी का जलस्तर भी 3.92 मीटर तक पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 3.8 मीटर है। भारी बारिश के कारण चितवन में कई जगह भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हुईं। इससे सड़कें बंद हो गईं। कर्णाली प्रांत में भी भूस्खलन के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में फिर से बाढ़-लैंडस्लाइड, 21 की मौत: घर-पुल बहे, हाईवे बंद; एक महीने पहले आई बाढ़ में 1453 मौतें नेपाल में लगातार बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए हैं। अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
