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‘नामर्दों के प्रदेश-मध्य प्रदेश’ वाली टी-शर्ट क्यों वायरल हुई?:‘कॉकरोचों’ के प्रोटेस्ट में भागीरथपुरा-सिरप कांड का जिक्र; पब्लिसिटी स्टंट या राज्य का अपमान

दिल्ली के जंतर-मंतर में CJP के प्रोटेस्ट में पहुंचे कुछ युवाओं ने एक टी-शर्ट पहनी, जिस पर लिखा था- ‘ना मर्दों के प्रदेश मध्य प्रदेश से भी आए हैं मर्द।’ कुछ यूट्यूबर्स ने इनका इंटरव्यू लिया और वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया। इसके साथ ही प्रदेश में हुए पटवारी घोटाले से लेकर सिरप कांड तक कई मुद्दे फिर चर्चा में आ गए। पूरा मामला क्या है, विवादित टी-शर्ट का मकसद क्या था, क्या इससे राज्य का अपमान हुआ; समझते हैं आज के एमपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: ‘नामर्दों के प्रदेश’ वाली टी-शर्ट कैसे वायरल हुई? जवाब- टी-शर्ट वाले विवादित स्लोगन की शुरुआत दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई। सवाल 2: क्या यह नारा मध्य प्रदेश का अपमान था? जवाब- टी-शर्ट पहनने वाले युवाओं में शामिल पवन अहिरवार से हमनें बात की तो उनका कहना है कि यह राज्य का अपमान नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के युवाओं की चुप्पी पर व्यंग्य है। सवाल 3: NEET के प्रदर्शन में पटवारी घोटाले का जिक्र क्यों? जवाब- ये युवा पहले से ही NEET और NET पेपर लीक के खिलाफ चल रहे इंदौर के प्रदर्शन में शामिल थे। सवाल 4: भागीरथपुरा और सिरप कांड जैसे मामलों को उठाने का क्या मकसद था? जवाब- प्रोटेस्ट में मौजूद युवाओं ने अपनी बात को सिर्फ पेपर लीक तक सीमित मुद्दा नहीं रहने दिया, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के एक बड़े पैटर्न के तौर पर पेश करने के लिए राज्य के दूसरे हालिया हादसों का भी हवाला दिया। ताकि यह दिखाया जा सके कि आम लोगों की जान-माल से जुड़ी लापरवाही बार-बार होती है, फिर भी जवाबदेही कभी तय नहीं होती। इंदौर में दूषित पानी से 36 मौतें: पिछले साल दिसंबर में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 36 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से 35 शवों का बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार कर दिया गया- सिर्फ एक शख्स का पोस्टमॉर्टम हुआ, और उसमें भी मौत का कारण खाली छोड़ दिया गया। हाईकोर्ट ने जनवरी में रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई थी, पर महीनों बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। युवा इसमें फास्ट-ट्रैक न्याय की मांग कर रहे हैं। छिंदवाड़ा में सिरप से 26 बच्चों की मौत: छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत हो गई थी। दबाव के बाद पुलिस ने कंपनी मालिक एस. रंगनाथन को गिरफ्तार किया, पर युवाओं की मांग है कि जिन अधिकारियों की मॉनिटरिंग के अभाव में यह सिरप बाजार तक पहुंचा, उन पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज हो। राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई का कहना है कि दूषित पानी या जहरीले सिरप से मासूमों की जान जाना बेहद दहला देने वाला है, लेकिन सरकार और प्रशासन में जवाबदेही लगभग खत्म हो चुकी है। सवाल 5: जिस हवा-हवाई अस्पताल का जिक्र हुआ, उसकी कहानी क्या है? जवाब- इन दो मामलों के अलावा युवाओं ने जिस तीसरे मुद्दे का जिक्र किया, वह था खजराना का वह अस्पताल जो सालों से सिर्फ कागजों पर मौजूद है। सवाल 6: क्या विवादित स्लोगन लिखी टी-शर्ट पहनना पब्लिसिटी स्टंट था? जवाब- पवन अहिरवार का कहना है कि यह कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं था। वे कहते हैं कि इंदौर में शायद ही कोई ऐसा मुद्दा हो जिस पर वे पहले सड़क पर न उतरे हों- MY अस्पताल की लापरवाही से लेकर बावड़ी हादसे तक, स्कॉलरशिप और बस पास के पैसे बढ़ने तक। एमपी एक्सप्लेनर की ये खबर भी पढ़ें… चिता-आंदोलनकारियों पर जंतर-मंतर जैसा एक्शन- दिल्ली में वांगचुक, MP में भटनागर- क्या ये सिर्फ इत्तेफाक शनिवार को दिल्ली में सोनम वांगचुक और रविवार सुबह मध्य प्रदेश के छतरपुर में अमित भटनागर… 24 घंटे के भीतर लगभग एक जैसे तरीके से दोनों को उनके धरना स्थल से उठाया गया। कुपी गांव में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के खिलाफ 17 दिन से चल रहे चिता-आंदोलन को प्रशासन ने खत्म करवा दिया…पूरा एक्सप्लेनर पढ़ें…

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