जल्दी अमीर बनने के लालच में उच्च शिक्षित युवा भी अपराधी बन रहे हैं। माधवनगर थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के तीन एमबीए पास युवक शामिल हैं। आरोपी दिल्ली के साइबर ठगों के इशारे पर उज्जैन में फर्जी आधार कार्ड और फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर चार जगहों से 4 लाख 65 हजार रुपए का सोना खरीद चुके थे। भुगतान के बाद संबंधित शोरूम के बैंक खाते होल्ड होने पर पुलिस ने तकनीकी नेटवर्क और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महाकाल क्षेत्र की होटल से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार शाम एसपी प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा किया। मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा तीन महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बायनेन्स पर सात्विक नाम की टेलीग्राम आईडी के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे यूएसडीटी के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया था। बाद में अनिमेष ने अपने साथियों कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता को भी शामिल कर लिया। पकड़े गए तीनों युवक रसूखदार कारोबारी परिवारों से हैं। अनिमेष के पिता अभय वर्मा का सदरबाजार में बड़ा व्यापार है, कशिश के पिता सुनील बढ़ानी ड्राईफ्रूट्स के और राहुल के पिता अरुण गुप्ता स्टेशनरी के थोक व्यापारी हैं। इस तरह 10 दिन में 4 दुकानों से खरीदा 4.65 लाख का सोना अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता ने 10 दिन उज्जैन की दो होटलों में रुककर अलग-अलग ज्वेलर्स से 4 लाख 65 हजार रुपए का सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली के ठगों को भेजे, जिन्होंने राजस्थान, पंजाब और यूपी के पीड़ितों के बैंक खातों से भुगतान कराया। ठगों ने बताया कि यह गेमिंग प्लेटफॉर्म का पैसा है, जिसे सोने में निवेश कर वापस एक नंबर लीगल करना है। आरोपियों ने तय योजना के तहत शहर के नामी गहनों के शोरूम्स को निशाना बनाया। तीन राज्यों के पीड़ितों के बैंक खातों से खरीदा गया सोना ठगों ने सोने का यह भुगतान राजस्थान के नागौर निवासी मोहम्मद नासिर के खाते से 2.88 लाख रुपए, पंजाब के सुरिंदर सिंह के खाते से 95 हजार और गाजियाबाद के मनोज कुमार के खाते से 99 हजार साइबर ठगी कर उड़ाए और उक्त पैसों का इस्तेमाल सोना खरीदने में किया, ताकि खरीदा सोना बेच वापस एक नंबर में रुपए पा सके और पकड़े न जाए। हालांकि पुलिस ने अब यह रकम होल्ड करवा दी है। गिरफ्तार आरोपियों का 21 जून तक का पुलिस रिमांड मिली है। दिल्ली से संचालित होने वाला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय डिजिटल सिंडिकेट है। ठग जानबूझकर पेट्रोल पंपों और सोने में पैसा निवेश करवाते हैं, क्योंकि गोल्ड की कमोडिटी वैल्यू कभी कम नहीं होती। आरोपियों ने फर्जी आईडी और आधार का इस्तेमाल किया था। हमारी टीमें दिल्ली और नर्मदापुरम् के लिए रवाना की जा रही है, जल्द ही मुख्य सरगना भी गिरफ्त में होंगे।’ – प्रदीप शर्मा, एसपी
