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दतिया में ब्राह्मण-जाटव बराबर, OBC वोटर सबसे ज्यादा:कांग्रेस से बेटे को उतारने के मूड में भारती; त्याग के बदले टिकट मांग रहे नायक

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग और 3 अगस्त को काउंटिंग होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही राजनीतिक पार्टियों में सरगर्मियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस में टिकट के लिए उम्मीदवारों के बीच रेस चल रही है। वहीं, बीजेपी से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और आजाद समाज पार्टी (ASP) से दामोदर यादव के नाम पार्टी में सिंगल दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं। दतिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मतदाताओं की संख्या करीब 95 हजार है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 53% हिस्सा है। इस वर्ग में यादव और कुशवाहा-काछी करीब 17 हजार, लोधी करीब 15 हजार, बघेल-पाल लगभग 10 हजार जबकि अन्य ओबीसी मिलाकर करीब 20 हजार मतदाता हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस सीट पर केवल किसी एक वर्ग के सहारे जीत संभव नहीं है। ब्राह्मण, अहिरवार, यादव, कुशवाहा, लोधी और मुस्लिम वोट जिस तरफ जाएंगे, पलड़ा उसी तरफ झुकेगा। यहां पिछले चुनावों में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा है। 2023 में कांग्रेस ने भाजपा को 7,742 वोटों से हराया था। अहिरवार और ब्राह्मण सबसे प्रभावशाली जातियां जातिवार आंकड़ों के मुताबिक, दतिया में दो सबसे बड़ी एकल जातियां ब्राह्मण और अहिरवार हैं। दोनों की अनुमानित संख्या करीब 33-33 हजार है। बीजेपी परंपरागत रूप से ब्राह्मण मतदाताओं में मजबूत मानी जाती रही है जबकि कांग्रेस का प्रभाव अनुसूचित जाति, विशेषकर अहिरवार समाज में रहा है। ऐसे में इन दोनों वर्गों का रुझान पूरे चुनाव की दिशा बदल सकता है। सामान्य वर्ग पाले में आए तो मुकाबला एकतरफा दतिया विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के मतदाताओं की अनुमानित संख्या करीब 60 हजार है। इनमें ब्राह्मण सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा बनिया, राजपूत, कायस्थ और सिंधी समाज भी प्रभावशाली संख्या में मौजूद हैं। यदि सामान्य वर्ग का वोट किसी एक दल के पक्ष में एकजुट होता है तो मुकाबला एकतरफा भी हो सकता है। अनुसूचित जाति और मुस्लिम वोटर बदल सकते हैं नतीजा दतिया में अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 58 हजार माने जा रहे हैं। इनमें अकेले अहिरवार समाज का हिस्सा सबसे बड़ा है। इसके अलावा खटीक, वाल्मीकि, कोरी और जाटव समाज भी कई बूथों पर चुनावी नतीजे प्रभावित करने की स्थिति में हैं। मुस्लिम मतदाताओं की अनुमानित संख्या करीब 8 हजार है। ये संख्या भले बहुत बड़ी नहीं हो, लेकिन कांटे के मुकाबले में यह वोट बैंक किसी भी उम्मीदवार के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। बेटे के लिए जोर लगा रहे पूर्व विधायक राजेंद्र भारती दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य ठहराए जाने के बाद उपचुनाव के लिए कांग्रेस में कैंडिडेट के लिए घमासान छिड़ा है। भारती अपने बेटे अनुज को टिकट दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं, 2023 के चुनाव के पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक भी दमखम दिखा रहे हैं। 2023 में कांग्रेस ने पहले अवधेश नायक को उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन राजेंद्र भारती के समर्थकों के विरोध के बाद पार्टी ने राजेंद्र भारती को चुनाव में उतारा था। अब अवधेश अपने त्याग के बदले टिकट मांग रहे हैं। दतिया के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह का नाम भी दावेदारों की रेस में शामिल है। ……………………………………………… मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दतिया विधानसभा उपचुनाव-30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई, नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…

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