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दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती सस्पेंड:भितरघात की शिकायत के बाद पार्टी ने लिया एक्शन; आज आएंगे उपचुनाव के नतीजे

मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। आदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने जारी किया है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने 30 जुलाई को मतदान के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं को लिखित शिकायत भेजी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजेंद्र भारती ने चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम किया और भितरघात किया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान हुआ था। कुल 71.44% मतदान दर्ज किया गया, जो 2023 विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब 9 प्रतिशत कम है। भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आ गई थी। घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया था कि राजेंद्र भारती ने भाजपा से फंडिंग ली और उन्हें हराने के लिए भितरघात की साजिश रची। उन्होंने भारती को पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी की थी। वहीं, राजेंद्र भारती ने आरोपों को खारिज करते हुए घनश्याम सिंह को “कायर और डरपोक” बताया। उन्होंने कहा कि घनश्याम संभावित हार के डर से ऐसे आरोप लगा रहे हैं। भारती ने यह भी दावा किया कि घनश्याम सिंह ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति और सहयोग से चुनाव लड़ा और चुनावी फंड मैनेजमेंट में भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही। भारती पर भाजपा से मिलकर काम करने का आरोप भास्कर से बातचीत में घनश्याम सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार से लेकर मतदान तक राजेंद्र भारती ने उनके पक्ष में काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारती भाजपा नेताओं के साथ मिलकर काम करते रहे और उन्हें भाजपा से फंडिंग मिली। उन्होंने कहा कि भारती के समर्थकों और करीबियों के जरिए मतदाताओं के बीच पैसा बांटकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। इसकी शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राष्ट्रीय अध्यक्ष से की जा चुकी है। घनश्याम बोले- भारती ने भ्रष्टाचार पर आधारित पिच तैयार की घनश्याम सिंह ने कहा कि भारती ने ऐसी राजनीतिक पिच तैयार की, जो बेईमानी और भ्रष्टाचार पर आधारित थी। उपभोक्ता फोरम में 7 लाख रुपए के भुगतान पर समझौता होने के बावजूद मामला आगे ले जाया गया। 2023 का चुनाव जीतने के बाद भारती ने जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की। घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि विधानसभा में सवालों के जरिए अधिकारियों से निजी स्वार्थ साधा। भाजपा के बड़े नेताओं से संबंधों का फायदा उठाया। भारती ने कभी मुख्यमंत्री मोहन यादव, नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया या कैलाश विजयवर्गीय की सार्वजनिक आलोचना नहीं की। राजेंद्र भारती बोले- घनश्याम दूसरों पर पत्थर न फेंकें राजेंद्र भारती ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “जो लोग खुद कांच के महलों में रहते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर फेंकने की आदत छोड़ देनी चाहिए। घनश्याम सिंह अपनी संभावित हार के डर को छिपाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। वे वर्षों से जनता के बीच रहकर राजनीति करते आए हैं। दतिया की जनता जानती है कि किसने किसके लिए संघर्ष किया है। नरोत्तम मिश्रा को लेकर भी लगाए आरोप भारती ने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की सहमति चुनाव लड़ा। चुनाव की व्यवस्थाओं और फंड मैनेजमेंट में भी नरोत्तम से जुड़े लोगों की भूमिका रही। घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ सीधे चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे।
भारती का दावा- 2028 में सेवढ़ा से टिकट का दिया था ऑफर राजेंद्र भारती ने दोनों नेताओं के बीच हुई कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि चुनाव के दौरान घनश्याम ने उन्हें प्रस्ताव दिया था कि वे इस बार दतिया से चुनाव लड़ रहे हैं। 2028 का विधानसभा चुनाव सेवढ़ा से लड़ेंगे, जिससे दतिया में भारती के लिए रास्ता खुला रहे। भारती ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। दतिया उपचुनाव- 30 जुलाई को को हुई थी वोटिंग बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को वोटिंग हुई थी। 71.44% मतदाताओं ने मतदान दिया था। यह 2023 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत कम रहा। भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच सीधा मुकाबला है। मतदान के दौरान सिरोल और जिगना में फर्जी वोटिंग तथा बूथ नंबर-51 पर बूथ कैप्चरिंग की कोशिश के आरोप लगे थे। रामसागर के मतदान केंद्र से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट अभिनय सिंह कुशवाहा को पुलिस अपने साथ ले गई, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। …………………………………. ये खबरें भी पढ़ें… 1. दतिया उपचुनाव में कम वोटिंग, किसे फायदा? दतिया उपचुनाव में 71.44% मतदान हुआ। सबसे बड़ा बदलाव महिला वोटिंग में दिखा। 2023 में महिलाएं पुरुषों से 1.94 प्रतिशत आगे थीं, लेकिन इस बार 5.61 प्रतिशत अंक पीछे रहीं। 2008 से अब तक हुए पांच चुनावों में यह सबसे बड़ा जेंडर गैप है। इस बार कुल मतदान भी 2008 के 73.59% के करीब रहा। तब दतिया में 1.37 लाख वोटर थे, अब करीब 2.20 लाख हैं। वोटर 60% बढ़े, लेकिन मतदान प्रतिशत 18 साल पुराने स्तर के आसपास रहा। पढ़ें पूरी खबर… 2. कांग्रेस ने लगाए बूथ कैप्चरिंग के आरोप; नरोत्तम बोले- ये हताशा दतिया में मतदान के दौरान सिरोल और जिगना में फर्जी वोटिंग तथा बूथ नंबर-51 पर बूथ कैप्चरिंग की कोशिश के आरोप लगे। रामसागर के मतदान केंद्र से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट अभिनय सिंह कुशवाहा को पुलिस अपने साथ ले गई, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पढे़ं पूरी खबर…

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