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तालाब, प्रधानमंत्री आवास बने नहीं, रुपए निकाल लिए:सूचना के अधिकार में भी दी गलत जानकारी; दैनिक भास्कर ने जानी हकीकत

सागर जिले की खुरई जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां प्रधानमंत्री आवास, खेत तालाब और शौचालय के रुपए निकाल लिए गए, जबकि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया। यही नहीं, सूचना के अधिकार में संबंधित विभाग ने गलत जानकारी दे दी। ये कारनामा है बसाहरी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक नरेश कुर्मी का। मामला सामने आने के बाद गांव वालों ने 19 मई प्रभारी जनपद सीईओ मीना कश्यप और एसडीएम मनोज चौरसिया को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। दैनिक भास्कर की टीम खुरई से 27 किलोमीटर दूर बसाहरी गांव पहुंची। हितग्राहियों से बात की। पता चला कि उनके खाते में एक रुपया नहीं आया। मौके पर काम भी नदारद है। आवास के लिए अपात्र बताया, फिर… आरटीआई एक्टिविस्ट प्रताप सिंह राजपूत ने बताया कि साल 2018 में ग्राम पंचायत बसाहरी में आवास के लिए आवेदन किया था। तब से आवास स्वीकृत नहीं हुआ। अगस्त 2025 में रोजगार सहायक नरेश कुर्मी ने बिना कारण बताए यह कहकर आवेदन खारिज कर दिया कि आप आवास के लिए अपात्र हैं। एक बार लिस्ट में नाम आया, लेकिन केवल मेरा नाम था, पिता का नहीं था। घर की स्थिति देखने टीम भी आई थी। 1 अप्रैल 2026 को पंचायत में सूचना के अधिकार के तहत पात्रों की जानकारी मांगी। 30 अप्रैल को जानकारी उपलब्ध करवाई गई, वह अधूरी थी। इसके बाद ऑनलाइन जानकारी जुटाई, जिसमें कई अनियमितता सामने आईं। पता चला कि आवास, शौचालय और खेत तालाब के नाम पर 15 से 20 लोगों के नाम पर रुपए निकाले गए हैं, जिनका हितग्राहियों को भी पता नहीं है। प्रताप सिंह ने बताया कि 19 मई को सागर कलेक्टर, खुरई सीईओ, एसडीएम से इसकी शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जानिए, कैसे हुआ घोटाला हितग्राही को जानकारी बिना निकाली राशि भास्कर टीम को बसाहरी गांव में अशोक पिता भागीरथ चढ़ार मिले। अशोक ने बताया कि पिता के नाम से ग्राम पंचायत की ओर से खेत तालाब स्वीकृत किया गया था। कुछ दिन पहले पता चला कि उनके नाम पर करीब 2 लाख 59 हजार 374 रुपए निकाल लिए गए हैं। कागजों में काम भी पूरा बता दिया गया। उनके खेत पर पहुंचे। यहां तालाब तो दूर, एक फीट गहरा गड्‌ढा भी नहीं खुदा था। ग्रामीणों का कहना है कि भौतिक सत्यापन में भी यह मामला प्रमाणित हो चुका है। इसी तरह, कल्लू पिता शंकर कुर्मी का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बन रहा है। मकान अभी अधूरा है। इसके एक लाख 20 हजार रुपए निकाल लिए गए। कल्लू बताते हैं कि आरटीआई में मिले दस्तावेजों में काम भी पूरा दिखा दिया गया। भौतिक सत्यापन में भी पुष्टि हुई है। शौचालय बना नहीं, राशि निकाल ली टीम गांव के रहने वाले हरप्रसाद अहिरवार के घर पहुंची। वह बताते हैं कि उनके यहां शौचालय नहीं बना है, जबकि इसके नाम पर 12 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। गांव के कुंदनलाल कुर्मी ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए फॉर्म भरा था। 12 हजार रुपए भी स्वीकृत हो गए थे। जब काफी समय तक राशि नहीं आई, तो खुद के पैसों से निर्माण करा दिया। बाद में पता चला कि रोजगार सहायक ने शौचालय के नाम पर 12 हजार रुपए निकाल लिए हैं। गांव वालों का आरोप है कि रोजगार सहायक की ओर से हितग्राहियों को बताए बिना प्रकरण तैयार कर सरकारी राशि निकाल ली गई। ग्रामीणों की मांग है कि रोजगार सहायक के कार्यकाल की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। परिवार समेत परिचितों को भी पहुंचाया लाभ आरटीआई के दस्तावेजों के मुताबिक रोजगार सहायक ने पड़ोसियों को भी नहीं छोड़ा। उसने पड़ोसी भागीरथ विश्वकर्मा, उनके बेटे राजकुमार विश्वकर्मा के नाम पर आवास स्वीकृत करवाए। एक लाख 20 हजार रुपए भी निकाल लिए, लेकिन निर्माण नहीं कराया। लोगों का कहना है कि रोजगार सहायक ने अपने परिवार के सदस्यों के अलावा परिचितों को भी लाभ पहुंचाया है। जानकारी के मुताबिक उसने अपने चचेरे भाई उमेश कुर्मी, महेश कुर्मी, भतीजे कल्लू कुर्मी और भाई रामेश्वर कुर्मी को लाभ पहुंचाया। गांव वालों ने सब इंजीनियर बीडी पटेल पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। तीन सदस्यीय टीम का गठित खुरई जनपद पंचायत की प्रभारी सीईओ मीना कश्यप ने बताया कि मामले में शिकायत मिली है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। टीम में शामिल खुरई जनपद पंचायत के पंचायत इंस्पेक्टर रामलाल रोहित ने बताया कि टीम जल्द ही निर्णय तक पहुंचेगी। जल्द ही, निराकरण कर लिया जाएगा। रोजगार सहायक बोला– आरोप बेबुनियाद रोजगार सहायक नरेश कुर्मी ने बताया कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। खेत तालाब तो बना है, लेकिन उनकी सीमांकन का विवाद है। साल 2016 में 3500 रुपए मिलते हैं। हरप्रसाद अहिरवार को सामग्री दी गई है, जबकि मुन्ना कुर्मी को शौचालय के लिए उनके खाते में 12 हजार रुपए डाले हैं। कल्लू की दो किस्तों की जानकारी थी, जो उन्होंने काम किया है, लेकिन तीसरी और चौथी किस्त की जानकारी नहीं है।

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