चुनाव आयोग ने SIR को लेकर फैली कन्फ्यूजन पर बड़ी सफाई दी है। आयोग ने मंगलवार को सभी राज्यों के चुनाव अधिकारियों को लेटर लिखकर कहा कि जिन मतदाताओं का नाम SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं, भले ही वे पहले से रजिस्टर्ड वोटर रहे हों। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में 2025-26 में बिहार, दिल्ली समेत 30 राज्यों में 13 करोड़ से ज्यादा नाम ड्राफ्ट रोल से हटाए गए। इसके पीछे वोटर्स का गैरमौजूद होना, दूसरी जगह चला जाना, मौत होना या फिर डुप्लिकेट पहचान पत्र होने जैसे कारण शामिल थे। दिल्ली में ही 1.45 करोड़ में से 47 लाख नाम हट गए। लोगों ने कहा हम पहले से वोटर थे, अब नाम गायब है। अब क्या करना होगा… क्यों डर रहे थे पहले से रजिस्टर्ड वोटर चुनाव आयोग ने माना कि कई लोगों को डर था कि फॉर्म 6 में लिखना पड़ता है कि “मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है”। ऐसे में पहले से रजिस्टर वोटर को लगता था कि ये झूठा शपथ पत्र होगा और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत उन पर झूठा बयान देने का केस चल सकता है। इसी वजह से लोग फॉर्म 6 भरने से हिचक रहे थे।
