फरवरी में राजधानी भोपाल में एक महिला (30) ने आरोप लगाया कि ग्वालियर के एक डॉक्टर ने नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वह इलाज के नाम पर उसे भोपाल के एक होटल में लाया था। इस साल 17 फरवरी को एमपी नगर थाने में दर्ज इस एफआईआर ने सनसनी फैला दी। करीब 40 दिन बाद जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो कहानी कुछ और ही निकली। अदालत ने आरोपी डॉक्टर अंबरीश सेंगर को अग्रिम जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान डॉक्टर के वकील ने दावा किया कि ये केस रेप का नहीं बल्कि रिटायर्ड डॉक्टर को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का है। आखिर क्या है ये पूरा मामला इस रिपोर्ट में पढ़िए… भोपाल पहुंचते ही बदला सीन भरोसे की इसी डोर को थामकर 14 फरवरी को वह डॉक्टर के साथ भोपाल आई। लेकिन यहां पहुंचते ही कहानी ने मोड़ ले लिया। अस्पताल ले जाने के बजाय डॉक्टर उसे एमपी नगर जोन-2 के एक होटल में ठहरा देते हैं। यही वह पल था जब संदेह ने पहली बार सिर उठाया। महिला ने तुरंत अपने पति को फोन कर पूरी स्थिति बताई और अपनी आशंका जाहिर की। रात, दवा और बेहोशी का दावा महिला का दावा है कि रात गहराती गई और पति ग्वालियर से भोपाल के लिए निकल चुके थे। होटल में रुकने के बाद रात में डॉक्टर ने उसे दवा दी। उन्होंने इसे इलाज का हिस्सा बताया, लेकिन दवा लेने के कुछ देर बाद उसे चक्कर आया और वह बेसुध हो गई। डर और चुप्पी के बीच लिया फैसला महिला ने शिकायत में कहा कि सुबह तक उसका पति भी भोपाल पहुंच गया। दोनों भय और सामाजिक बदनामी के दबाव में तुरंत पुलिस तक नहीं पहुंचे और ग्वालियर लौट गए। डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद वह अपने पति के साथ फिर भोपाल आई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। डॉक्टर का दावा- मैं खुद जाल में फंस गया डॉक्टर अंबरीश सेंगर इस पूरे घटनाक्रम को एक सुनियोजित साजिश बताते हैं। उनके मुताबिक, वह खुद इस साजिश का शिकार हुए हैं। स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्होंने और उनकी पत्नी ने मसाज थेरेपी का विकल्प तलाशा। थेरेपिस्ट से मुलाकात और बेहोशी का आरोप डॉ. अंबरीश ने बताया कि कुछ दिन बाद एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को प्रोफेशनल थेरेपिस्ट बताया। भरोसा बना फिर मुलाकात हुई। इसी बीच महिला ने भोपाल जाने की बात कही और डॉक्टर ने उसका टिकट भी करवा दिया। भोपाल पहुंचने के बाद महिला ने होटल में एक सेशन देने की बात कही। डॉक्टर के अनुसार, वह एक कार्यक्रम में गए थे और लौटने के बाद महिला ने उन्हें एक पेय दिया। इसके बाद उन्हें चक्कर आए और वे बेहोश हो गए। ब्लैकमेलिंग और पैसे की मांग, जांच में मिला पैटर्न डॉक्टर का आरोप है कि दोनों ने उन्हें धमकाया, वीडियो रिकॉर्डिंग का हवाला दिया। उनसे 5 लाख कैश और और सोने जेवर मांगे गए। किसी तरह वहां से निकलकर डॉक्टर ग्वालियर पहुंचे और पुलिस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डॉक्टर के वकील राकेश शर्मा के मुताबिक, जांच में एक पैटर्न सामने आया। मामला कोर्ट पहुंचा, डॉक्टर को अग्रिम जमानत वकील के अनुसार, डॉक्टर की शिकायत के बाद ही दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया। यहां तक कि थाने में पहले से माहौल तैयार करने की कोशिश भी की गई। मामला अदालत पहुंचा। 18 मार्च को सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने दोनों पक्षों के दस्तावेज, टाइमलाइन और पुराने मामलों के रिकॉर्ड रखे गए। न्यायाधीश ने प्रथम दृष्टया इसे हनीट्रैप जैसा मामला मानते हुए डॉक्टर को अग्रिम जमानत दे दी है। ये खबर भी पढ़ें… डॉक्टर को रेप-पॉक्सो में फंसाने की धमकी, 37 लाख मांगे जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने रेप और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता डॉ. अमित खरे की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार रात प्रवीण सिंह और उसके दो साथियों को एक स्कॉर्पियो वाहन सहित पकड़ लिया। पढ़ें पूरी खबर…
