मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्पेशल ब्रांच के प्रधान आरक्षक ने फांसी लगा ली। हेड कॉन्स्टेबल की लाश के पास सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा- ट्रांसफर नहीं होने से डिप्रेशन में था। अपनी तकलीफ भोपाल के अफसरों को कई बार बताई, लेकिन किसी ने मेरी पीड़ा नहीं सुनी। मृतक की पहचान हेड कॉन्स्टेबल राकेश गंगले (35) के रूप में की गई है। राकेश गंगले बैढ़न के स्पेशल ब्रांच (SB) शाखा में पदस्थ थे। ऑफिस के कमरे में फंदे पर लटकी लाश मिली है। MP में ट्रांसफर नहीं होने से कर्मचारी परेशान हैं। कई जगह तलाक हो गए हैं। कई महिला कर्मचारियों के पति बोल रहे हैं कि नौकरी छोड़ दो। मजदूरी कर लेगें। तहसीलदार की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया सिंगरौली के मुताबिक, राकेश गंगले मूल रूप से खरगोन जिले के रहने वाले थे। पिछले कुछ साल से सिंगरौली में पदस्थ थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। SB कार्यालय के कमरे में फंदे पर मिले जानकारी के मुताबिक, रविवार रात राकेश गंगले SB शाखा के कार्यालय कक्ष में थे। इसी दौरान उन्होंने चादर के सहारे पंखे से फांसी लगा ली। राकेश गंगले के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा- मैंने पुलिस मुख्यालय भोपाल के अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया। सिंगरौली से अपने गृह जिले खरगोन या आसपास के किसी जिले में ट्रांसफर हो जाए। अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े। गिड़गिड़ाया, लेकिन अधिकारियों ने एक भी नहीं सुनी। करीब 1 हजार किलोमीटर दूरी का जिक्र सुसाइड नोट के अनुसार, राकेश गंगले ने लिखा कि सिंगरौली और खरगोन के बीच करीब एक हजार किलोमीटर की दूरी है। परिवार से दूर रहने के कारण वे अपने गृह जिले या उसके आसपास पदस्थ होना चाहते थे। इसी के लिए उन्होंने कई बार पुलिस मुख्यालय भोपाल के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई थी। ट्रांसफर का अनुरोध किया था। आवेदन पर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप राकेश गंगले ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि उनके ट्रांसफर संबंधी आवेदन पर अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। नोट के मुताबिक, लंबे समय से परिवार से दूर रहने और ट्रांसफर नहीं होने के कारण वे मानसिक परेशानी से गुजर रहे थे। उन्होंने इसी परेशानी को अपने आत्मघाती कदम की वजह बताया है। CSP ने कहा- सुसाइड नोट के आधार पर जांच जारी CSP ललित बैरागी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। घटना के बाद राकेश गंगले के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजन अभी सिंगरौली नहीं पहुंचे हैं।देर शाम तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा- पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखी बातों के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। MP में ट्रांसफर नहीं होने से कहां-कहां के कर्मचारी परेशान ? एमपी में ग्राम रोजगार सहायकों और सहायक सचिवों के तबादले नहीं होने से परिवारों का विखंडन शुरू हो गया है। कर्मचारी कल्याण समिति का कहना है कि कई महिला ग्राम रोजगार सहायकों का वैवाहिक जीवन प्रभावित हो रहा है, क्योंकि वे विवाह के बाद भी पति के साथ नहीं रह पा रही हैं। सागर जिले में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक मोना राजपूत के पति ने कहा- “अगर तबादला नहीं होता तो नौकरी छोड़ दो… मजदूरी कर लेंगे। मोना की शादी जबलपुर में हुई, लेकिन सागर में नौकरी होने के कारण दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। सैकड़ों किलोमीटर की दूरी और बढ़ते पारिवारिक विवाद रिश्ते पर भारी पड़ने लगे हैं। मोना ऐसी अकेली महिला नहीं हैं। प्रदेश में तबादला नीति नहीं होने से कई महिला ग्राम रोजगार सहायकों की मैरिड लाइफ संकट में है। कुछ का तलाक हो चुका है, जबकि कई परिवार टूटने की कगार पर हैं। जानिए आखिर क्यों परेशान हैं महिला कर्मचारी? एमपी में ग्राम रोजगार सहायकों और सहायक सचिवों के तबादले नहीं होने से परिवारों का टूटना शुरू हो गया है। कर्मचारी कल्याण समिति का कहना है कि कई महिला ग्राम रोजगार सहायकों का वैवाहिक जीवन प्रभावित हो रहा है, क्योंकि वे विवाह के बाद भी पति के साथ नहीं रह पा रही हैं। फेसबुक पर लिखा- हमारा तो तलाक होने वाला है आजाद अध्यापक संघ ने कर्मचारी कल्याण समिति का पत्र फेसबुक पर साझा किया। इस पर फेसबुक यूजर मोना प्रशांत गौतम ने लिखा, “हमारा तो तलाक होने वाला है। क्या कर सकते हैं? मुख्यमंत्री ही कुछ कर सकते हैं, जिससे मेरे जैसी कई बहनों की लाइफ बर्बाद होने से बच जाए।” महिला कर्मचारियों की पीड़ा को लेकर एसीएस को लिखा पत्र मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों और सहायक सचिवों के अंतरजिला स्थानांतरण व स्थान परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पत्र में लिखा गया है कि ग्राम रोजगार सहायक और सहायक सचिव संगठन ने 31 जुलाई 2026 को आवेदन देकर विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के अन्य जिलों और ब्लॉकों में ट्रांसफर की मांग की थी। कर्मचारी कल्याण समिति ने इसे मानवीय और प्रशासनिक दृष्टि से उचित बताते हुए विभाग से आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है। …………………………………….. यह खबर भी पढ़ें… टारगेट पूरा नहीं करने वाले अफसर-कर्मचारियों को हटाया जाएगा मध्यप्रदेश सरकार ने तबादला नीति-2026 जारी कर दी है। नई नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने तय लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशासनिक आधार पर प्राथमिकता से हटाने का प्रावधान किया है। ऐसे कर्मचारी तीन साल की अवधि पूरी होने से पहले भी तबादले की सूची में शामिल किए जा सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
