अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव मिला था। लेकिन उन्होंने इस पद को ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। ट्रम्प ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अमेरिका इस युद्ध में बढ़त बना रहा है और ईरान पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसके नेता लोगों के डर से खुलकर सामने नहीं आ रहे। हालांकि, ईरान ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि कोई बातचीत नहीं हो रही। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि अगर अमेरिका-इजराइल ने जमीनी हमला किया तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। IRGC ने अमेरिकी और इजराइली लोगों से कहा कि ट्रम्प-नेतान्याहू के बहकावे में आकर अपने बच्चों को नरक मत भेजो। ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान समेत मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दे दी है। न्यूज एजेंसी ANI ने यह जानकारी मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी है। कॉन्सुलेट ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ‘मित्र देशों’ को होर्मुज से गुजरने की छूट है। ईरान पहले भी कह चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है। यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ हैं। बाकी देशों को कुछ शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति दी जा रही है। होर्मुज स्ट्रेट खुलने से भारत को 5 बड़े फायदे… अमेरिका ने ईरान को 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा अमेरिका ने ईरान को युद्ध खत्म करने के लिए 15 पॉइंट्स का प्लान भेजा है। यह प्लान पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाया गया। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रस्ताव में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ इस बातचीत में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं ये शर्तें रखीं हैं… ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
