उज्जैन के छत्री चौक में सुबह जिस शाही मस्जिद के बाहर पथराव हुआ, कुछ घंटे बाद वहीं सन्नाटा पसरा है। सड़क से पत्थर हटा दिए गए हैं, बाजार बंद है और चारों तरफ पुलिस तैनात है। मस्जिद के बाहर मलबा पड़ा है। जिस हिस्से को लेकर सुबह विवाद बढ़ा, उसे मुस्लिम समाज के लोग ही छेनी-हथौड़े से तोड़ते दिखे। किसी ने दीवार तोड़ी, किसी ने जाली हटाई। माहौल भावुक था। इसके बाद टंकी चौक पर भीड़ जुटी और पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। लोग घरों और दुकानों में चले गए। कुछ घंटे बाद सड़क पर बैरिकेड, पत्थर और बंद दुकानों के शटर रह गए। दैनिक भास्कर ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बात की और समझने की कोशिश की कि 12 धर्मस्थल हटने के बाद विवाद शाही मस्जिद पर ही क्यों बढ़ा। देखिए उज्जैन में पसरा सन्नाटा… व्यापारी बोले- कुछ घंटे बाजार बंद, कारोबार प्रभावित छत्री चौक से आसपास के बाजारों में पथराव और तनाव की खबर फैलते ही दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। दोपहर तक बाजार में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं थी। ग्राहकों की आवाजाही भी थम गई। छत्री चौक के एक कपड़ा कारोबारी ने बताया, “सुबह दुकान खोलने के बाद माहौल बिगड़ने की जानकारी मिली तो दुकान बंद कर दी। ग्राहक भी डर की वजह से नहीं आए। हमारा पूरा दिन खराब हो गया। सड़क चौड़ीकरण जरूरी है, लेकिन काम के दौरान बाजार और कारोबार प्रभावित न हो, इसकी व्यवस्था भी होनी चाहिए।” सराफा बाजार के एक अन्य कारोबारी ने कहा, “यहां रोज बड़ी संख्या में ग्राहक आते हैं। सुबह से ही पुलिस और भीड़ की वजह से रास्ते बंद जैसे रहे। कई ग्राहक लौट गए। त्योहारी सीजन में एक दिन का कारोबार प्रभावित होना भी हमारे लिए बड़ा नुकसान है।” आंसू गैस छोड़ी तो लोग इधर-उधर भागने लगे एक स्थानीय रहवासी शुभम ने बताया, “सुबह पहले मस्जिद की तरफ से आवाजें आ रही थीं। बाद में टंकी चौक की तरफ भीड़ बढ़ गई। अचानक पथराव शुरू हुआ तो लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी तो आसपास के लोग घरों और दुकानों के अंदर चले गए। कुछ देर बाद पूरा इलाका खाली जैसा हो गया।” एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “पहले लोग खुद मस्जिद का हिस्सा हटाते दिखाई दे रहे थे। माहौल भावुक था, लेकिन स्थिति शांत थी। बाद में भीड़ बढ़ी और पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने लोगों को पीछे हटाया। अब माहौल शांत है, लेकिन सुबह का तनाव देखकर लोग अभी भी डरे हुए हैं।” मुकेश ने ऑफ रिकॉर्ड बताया कि सुबह जिस सड़क पर भीड़, नारे और पथराव था, वहां कुछ घंटे बाद सिर्फ पुलिस बैरिकेड, सड़क पर पड़े पत्थर और बंद दुकानों के शटर दिखाई दे रहे थे। सुबह क्या हुआ, पहले वह समझिए पहले सहमति बनी, फिर बिगड़ी बात मामले में प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सड़क के लिए जरूरी जगह देने को लेकर सहमति बनी थी। इसके तहत करीब 3 फीट जगह देने, प्रभावित दुकानों को हटाने और मस्जिद की बड़ी मीनार को दूसरी ओर शिफ्ट करने पर बात बनी। दुकानों के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई। इसके बाद मस्जिद कमेटी से जुड़े लोगों ने प्रभावित हिस्से को खुद हटाना शुरू किया। सोमवार सुबह करीब 8 बजे दीवार और जालियां हटाई जाने लगीं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर मस्जिद पर जेसीबी चलने की जानकारी फैलने के बाद लोग टंकी चौराहे पर जुटने लगे। करीब 9 बजे भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद करीब तीन बार पथराव हुआ। पुलिस ने मोर्चा संभाला और आंसू गैस छोड़ी। हाथों से खुद तोड़ी मस्जिद की दीवारें-जालियां रविवार को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से अपने घर को तोड़ने की शुरुआत करने के बाद संदेश दिया था कि विकास में सभी धार्मिक स्थल टूटेंगे। इसके बाद रविवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नुमाइंदा कमेटी की बैठक हुई। रात में विरोध कर रहे लोगों को आपसी सहमति की बात बताकर घर भेज दिया गया। इसके बाद सोमवार सुबह मुस्लिम समाज के लोगों ने मस्जिद के प्रभावित हिस्से को खुद हटाना शुरू किया। भावुक होकर लोग मस्जिद की दीवारों और जालियों को हाथों से तोड़ते दिखाई दिए। विवाद की जड़ में 12 से 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण सिंहस्थ 2028 के लिए कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक रोड चौड़ीकरण किया जाना है। पहले से मौजूद 12 मीटर रोड को 15 मीटर किया जा रहा है। इस मार्ग पर कुल 323 मकान और 15 धर्मस्थल चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक 8 धर्मस्थलों को बिना विवाद हटाकर शिफ्ट किया जा चुका है। इस हिस्से में 15 मीटर सड़क भी चौड़ी कर दी गई। विवाद तब बढ़ा जब नगर निगम कंठाल से गोपाल मंदिर की ओर आगे बढ़ा और छत्री चौक पर शाही मस्जिद के 4.5 बाय 9 फीट हिस्से को हटाने की बात सामने आई। प्रशासन के अनुसार अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। शाही मस्जिद का भी एक हिस्सा सड़क के दायरे में आया है। मुस्लिम समाज का दावा- मस्जिद 636 साल पुरानी मुस्लिम समाज ने दावा किया कि मस्जिद 636 वर्ष पुरानी है। उनका कहना है कि मस्जिद को नहीं तोड़ते हुए सेंटर लाइन को बीच से लेकर सामने होटल की तरफ किया जा सकता है और उसके एक हिस्से से सड़क चौड़ी की जा सकती है। दूसरी ओर, दस्तावेजों में मस्जिद के 100 साल से अधिक पुराना होने की बात सामने आती है। इमाम की ओर से इसे 600 साल से अधिक पुराना बताया गया है। जिस सड़क के लिए पूरा विवाद, वह कितनी जरूरी कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। इसी दायरे में मकान, दुकानें और धर्मस्थल प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन की योजना के तहत सड़क से अतिक्रमण और निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। बाजार बंद रखने से लाखों रुपए का नुकसान छत्री चौक, सराफा बाजार, ढाबा रोड, लखेरवाड़ी, सतीगेट, मोची वाडा, मिर्जा नईम बेग मार्ग और टंकी चौराहा सहित करीब एक दर्जन से अधिक क्षेत्र दिनभर बंद रहे। ये शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र हैं। रोजाना यहां बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। बाजार बंद रहने से कारोबार प्रभावित हुआ। त्योहारी सीजन में व्यापारियों के लिए एक दिन का कारोबार प्रभावित होना भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है। तस्वीरों में देखिए प्रशासन की कार्रवाई… यहां भी हो सकता है विवाद सिंहस्थ को लेकर चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में बुधवरिया से केडी गेट तक का मार्ग 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसी मार्ग में खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक की सड़क भी शामिल है। खजूर वाली मस्जिद सड़क के बीच में स्थित होने के कारण यहां भी सड़क चौड़ीकरण को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। केडी गेट क्षेत्र में पहले ही विरोध हो चुका है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मदीना मस्जिद और जमीयतुल कुरैश कस्साबान मस्जिद के कुछ हिस्से हटाए जाने हैं। करीब 27 दिन पहले प्रशासन की टीम इन्हें हटाने पहुंची थी। जेसीबी से कार्रवाई शुरू होते ही मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध किया था। इस दौरान पुलिस और लोगों के बीच बहस और कहासुनी भी हुई थी। —————————- ये पूरी खबर पढ़ें… उज्जैन में मस्जिद तोड़ने के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में खारिज उज्जैन में शाही मस्जिद मामले में दायर याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले को डिस्पोज ऑफ कर दिया। याचिकाकर्ता शाही मस्जिद कमेटी के एडवोकेट कुलदीप पाठक ने कहा- कमेटी और प्रशासन के बीच समझौते के तहत सड़क के लिए 3 फीट जगह के साथ कुछ दुकानें हटाने पर सहमति बनी है।पूरी खबर पढ़ें
