मध्य प्रदेश के छतरपुर में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी डॉक्टर और नर्स तत्काल उपलब्ध नहीं हुए। इसी दौरान महिला ने अस्पताल की लिफ्ट के बाहर गैलरी में ही जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। फर्श पर बच्चों के साथ पड़ी महिला का वीडियो सामने आया है। परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विरोध के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। प्रसूता और दोनों नवजातों को वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने घटना की पुष्टि करते हुए पूरे मामले की जानकारी लेने की बात कही है। एम्बुलेंस नहीं मिलने पर निजी वाहन से अस्पताल पहुंचे जानकारी के अनुसार, राजनगर थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव निवासी अरुण यादव की पत्नी को बुधवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने सबसे पहले एम्बुलेंस के लिए संपर्क किया, लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद महिला को निजी वाहन से छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर और नर्स की तलाश में भटकते रहे परिजन परिजन का आरोप है कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद भी प्रसूता की तत्काल जांच या उपचार शुरू नहीं किया गया। उनका कहना है कि वे काफी देर तक डॉक्टर और नर्स की तलाश करते रहे, लेकिन किसी ने तुरंत मदद नहीं की। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती रही। उसकी हालत बिगड़ती चली गई। लिफ्ट के बाहर गैलरी में हुआ जुड़वा बच्चों का जन्म परिजन के अनुसार, समय पर मेडिकल हेल्प नहीं मिलने पर महिला ने अस्पताल की लिफ्ट के पास गैलरी में ही जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। गैलरी में डिलीवरी होने से वहां मौजूद मरीजों और परिजन में हलचल मच गई। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठने लगे। परिजन ने अस्पताल में किया हंगामा घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। इसके बाद प्रसूता और दोनों नवजातों को वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। फिलहाल मां और दोनों बच्चों की देखभाल अस्पताल में की जा रही है। परिजन बोले- किसी ने नहीं सुनी बात प्रसूता के परिजन रोहित अवस्थी ने बताया कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद वे काफी देर तक डॉक्टर और नर्स की तलाश करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। आखिरकार उसे अस्पताल की गैलरी में ही जुड़वा बच्चों को जन्म देना पड़ा। सिविल सर्जन ने दी सफाई जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि महिला अस्पताल आई थी। गैलरी में उसकी डिलीवरी हो गई। महिला को नीचे से ऊपर ले जाने में कुछ परेशानी हुई थी। अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की प्रक्रिया जारी है। पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है।
