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जांच रिपोर्ट में दावा- कुपोषण से गई बच्चे की रोशनी:सागर में नोजल ड्रॉप से संक्रमण की बात नकारी; एम्स भोपाल में होगा कॉर्निया ट्रांसप्लांट

सागर जिले के बंडा सिविल अस्पताल में इलाज के बाद डेढ़ साल के बच्चे की आंखों की रोशनी जाने के मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चा कुपोषित था और विटामिन-ए की कमी के कारण उसकी आंखों में कॉर्नियल अल्सर बन गए थे। जांच टीम ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया है कि आंखों में नोजल ड्रॉप (नॉर्मल सलाइन) डालने की वजह से बच्चे की रोशनी गई है। एम्स में होगा कॉर्निया ट्रांसप्लांट, ड्रॉप की हो रही पड़ताल
प्रभारी सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया ने बताया कि बच्चे का इलाज भोपाल एम्स में चल रहा है और वहां उसका कॉर्निया ट्रांसप्लांट किया जाना है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि जिस नोजल ड्रॉप को डालने की बात कही जा रही है, उस बैच का ड्रॉप अस्पताल के स्टॉक में उपलब्ध ही नहीं था। डॉक्टरों के मुताबिक, नोजल ड्रॉप से आंखों की रोशनी नहीं जा सकती। हालांकि, यह ड्रॉप बच्चे तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच अभी जारी है। बच्चे के इलाज में शासन द्वारा हरसंभव मदद की जाएगी। पिता ने लगाया था गलत ड्रॉप देने का आरोप
भूसा कमलपुर निवासी इंद्राज विश्वकर्मा 29 मई को अपने डेढ़ साल के बेटे विनय को बंडा सिविल अस्पताल लाए थे। बच्चे को सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत थी। परिजनों का आरोप है कि ओपीडी डॉक्टर की पर्ची के आधार पर दवा काउंटर से आई ड्रॉप की जगह नोजल ड्रॉप दे दिया गया। उनका दावा है कि इसे डालने के बाद बच्चे की आंखों में तेज जलन शुरू हुई और उसकी रोशनी चली गई। एम्स के डॉक्टरों ने बताई थी लापरवाही की बात
अस्पताल में 3-4 घंटे रुकने के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ, तो बच्चे को सागर रेफर कर दिया गया। सागर में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को भोपाल एम्स ले जाने की सलाह दी थी। परिजनों का कहना है कि एम्स के डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया कि इलाज में लापरवाही के कारण आंखों में संक्रमण हुआ है। इस मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू की थी। ——————————————— इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सागर में इलाज के बाद आंखों में संक्रमण हुआ सागर जिले के बंडा सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां इलाज के बाद डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे की आंखों में संक्रमण हो गया और उसकी रोशनी चली गई। पीड़ित परिवार ने शनिवार को बंडा थाने पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें…

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