विदिशा में मानसून सक्रिय होने के बाद रविवार से जारी भारी बारिश के कारण बेतवा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। बेतवा नदी का जलस्तर 1364.06 फीट दर्ज किया गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 1373.64 फीट है। नदी में पानी बढ़ने से चरण बढ़ बाले घाट पर स्थित मंदिर तक पानी पहुंच गया है। इसके अलावा, चरणतीर्थ मंदिर जाने वाला पुल और एक छोटा पुल भी पानी में डूब गए हैं, जहां छोटे पुल के ऊपर से करीब 3 फीट पानी बह रहा है। बेतवा के साथ-साथ जिले की अन्य नदियां और नाले भी उफान पर हैं, जिससे कई पुल-पुलिया जलमग्न हो गए हैं। विदिशा-नटेरन मार्ग पर कागपुर के पास बाह्य नदी के उफान पर आने से सड़क संपर्क टूट गया था, जिससे विदिशा जिला मुख्यालय का नटेरन और गंजबासौदा क्षेत्र से संपर्क प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश थमने के बाद इन मार्गों पर आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है, लेकिन प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री राजीव आवास योजना और मल्टी क्षेत्र को जोड़ने वाली पुलिया पर भी करीब तीन फीट पानी बहने लगा, जिससे राजीव आवास क्षेत्र से विदिशा शहर आने-जाने का सीधा रास्ता बंद हो गया। स्प्रिंगफील्ड स्कूल के पास वैकल्पिक रास्ता होने के बावजूद, कुछ लोग कम दूरी के कारण पानी में डूबी हुई पुलिया से निकलने का प्रयास कर रहे थे। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने यहां बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सभी संबंधित अधिकारियों को मैदान में उतरकर जलभराव वाले क्षेत्रों, नदियों, पुलों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
