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जहरीली शराब- मास्टरमाइंड रवि गिरफ्तार, अब मनीष की तलाश:ढाबा सील, अवैध निर्माण ढहाया; 33 में से 18 आरोपी गिरफ्तार

सागर के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया है। कार्रवाई के केंद्र में अब फरार आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर उसकी लोकेशन मिलने की जानकारी भी सामने आई है। मनीष लोधी बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार बताया जा रहा है। पुलिस जांच में उसके नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप सामने आए हैं। बंडा में सागर रोड स्थित उसके ढाबे/बार को प्रशासन ने सील कर दिया है। इसके अलावा उसके अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की जा चुकी है। शराबकांड में अब तक 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 18 गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 13 आरोपी फरार हैं। एक आरोपी की मौत हो चुकी है और एक अस्पताल में भर्ती बताया गया है। शुक्रवार को पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी रवि लखेरा को बरायठा के जंगल में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जवाबी फायरिंग में रवि के पैर में गोली लगी थी। तस्वीरें देखिए… पूरे मामले में अब तक यह हुआ ढाबा सील, पांच मकानों के अवैध हिस्से हटाए
जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोपियों की संपत्तियों और अवैध निर्माणों की भी जांच शुरू की। गुरुवार को नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने बंडा में कार्रवाई की। आरोपी मनीष लोधी, चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू और आशीष साहू से जुड़े अवैध निर्माणों को हटाया गया। वार्ड नंबर 11 और 12 में पांच मकानों के अवैध हिस्सों पर कार्रवाई की गई। वहीं सागर रोड स्थित मनीष लोधी के ढाबे/बार को सील कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को शराब के कथित अवैध कारोबार से जुड़े ठिकानों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। मनीष की तलाश में पुलिस की दबिश रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का फोकस अब फरार आरोपी मनीष लोधी की गिरफ्तारी पर है। पुलिस के मुताबिक मनीष के रवि लखेरा से संपर्क थे। जांच में दोनों के बीच नकली शराब बनाने की प्रक्रिया को लेकर कनेक्शन सामने आया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें मनीष की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। कुछ स्थानों पर उसकी लोकेशन मिलने के बाद भी पुलिस ने वहां पहुंचकर तलाश की है। पुलिस को उम्मीद है कि मनीष की गिरफ्तारी के बाद नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। रवि की गिरफ्तारी से खुलेंगे नेटवर्क के राज पुलिस के मुताबिक रवि लखेरा इस नेटवर्क की अहम कड़ी है। वह नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जुटाने और उसे नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता था। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत अन्य स्थानों पर करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस जांच में रवि और मनीष के बीच संपर्क की बात सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि मनीष ने रवि से नकली शराब बनाने का तरीका सीखा और लाइसेंसी शराब कारोबार की आड़ में अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़ गया। अब रवि से पूछताछ के आधार पर पुलिस नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ने और फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। खेत में तैयार हुई थी करीब 50 पेटी नकली शराब पुलिस जांच के अनुसार जन्माष्टमी से करीब दो दिन पहले ततरवारा गांव में चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के मक्के के खेत में नकली शराब तैयार की गई थी। पुलिस का दावा है कि रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उपलब्ध कराई। जांच के मुताबिक चंदू, शिवान्जय राजपूत और मनीष की भूमिका से करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की गई। इस शराब को कथित तौर पर ‘सागर गोल्ड’ के नाम से आसपास के गांवों में सेल्समैन के जरिए सप्लाई किया गया। पुलिस के मुताबिक शराब को गांवों तक पहुंचाने में कई लोगों की भूमिका थी। नौराज निवासी जुझार लोधी को गिरफ्तार कर उसके पास से 43.2 लीटर नकली शराब बरामद करने का दावा किया गया है। पूछताछ में जुझार ने शराब का सोर्स ततरवारा निवासी चंदू राजपूत को बताया, जिसके बाद पुलिस ने चंदू को गिरफ्तार किया। मौतों के बाद सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार करीब 20 से 25 पेटी शराब खेत में ले जाकर जलाई गई। शराब तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री को नाले में बहाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन सामग्रियों और अन्य संभावित सबूतों की तलाश कर रही है। बमूरा गांव के एक खेत से जब्त शराब की कुछ बोतलों पर वर्ष 2011 लिखा मिला। पुलिस को आशंका है कि पुराने वारदाने का इस्तेमाल कर उसमें नकली शराब भरकर सप्लाई की गई। अब मनीष की गिरफ्तारी पर नजर रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने मनीष लोधी की गिरफ्तारी सबसे अहम कड़ी बन गई है। जांच में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब बनाने के लिए सामग्री कहां से लाई गई, उसे किसने उपलब्ध कराया, शराब कहां तैयार की गई और तैयार शराब किन-किन गांवों तक पहुंचाई गई। इसके साथ ही लाइसेंसी शराब कारोबार और कथित अवैध शराब नेटवर्क के बीच संबंधों की भी जांच की जा रही है। मनीष की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। यह खबरें भी पढ़ें… 1. MP जहरीली शराबकांड-मुख्य आरोपी को पैर में गोली मारकर पकड़ा मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपी रवि लखेरा को पकड़ लिया गया। बरायठा के जंगल में पुलिस और रवि के बीच फायरिंग हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। पूरी खबर पढ़ें… 2. सागर शराबकांड… 20 हजार का इनामी लखेरा कौन? सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी रवि लखेरा को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को बरायठा के जंगल में पुलिस और रवि के बीच फायरिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें…

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