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जम्मू-कश्मीर- पुलवामा में RSS का पहला स्थायी कार्यालय खुला:प्रभारी बोले- बच्चे पत्थर नहीं, किताबें उठा रहे; 2019 में यहां CRPF पर अटैक, 40 जवान शहीद हुए

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने बुधवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के बारसू में अपना पहला स्थायी कार्यालय खोला है। इसे घाटी में संगठन की गतिविधियों के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। RSS के कश्मीर प्रभारी समीर कुचे ने कहा कि कार्यालय खुलना बदले हुए कश्मीर की तस्वीर है। उनके मुताबिक, अब बच्चे-युवा पत्थर उठाने के बजाय किताबें थामना चाहते हैं। वहीं, BMS के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन ने कहा कि स्थायी कार्यालय से संगठन की गतिविधियों के समन्वय और कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। पुलवामा में जैश, लश्कर और हिजबुल की सक्रियता रही है। बुरहान वानी, जाकिर मूसा और आदिल अहमद डार जैसे आतंकी इसी जिले से आते हैं। 2019 में यहां CRPF काफिले पर हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। RSS की घाटी में गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में RSS के स्थायी कार्यालय का उद्देश्य घाटी में संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित करना और स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाना है। कार्यालय के जरिए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने और जमीनी स्तर पर जुड़ाव बढ़ाने की योजना है। पुलवामा लंबे समय से आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्र पुलवामा जिला लंबे समय से आतंकवाद और सुरक्षाबलों के अभियानों को लेकर चर्चा में रहा है। यहां जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियां रही हैं। इन संगठनों पर स्थानीय युवाओं को भर्ती करने और सीमा पार से समर्थन मिलने के आरोप रहे हैं। 1979 में बना था जिला पुलवामा जिला 1979 में बना था। इसके प्रमुख क्षेत्रों में पुलवामा, पंपोर, अवंतीपोरा और त्राल शामिल हैं। त्राल और आसपास के इलाके अतीत में आतंकी गतिविधियों, भर्ती और मुठभेड़ों के कारण चर्चा में रहे हैं। हालांकि, जिले के सभी निवासी आतंकवाद से जुड़े नहीं हैं। कई चर्चित आतंकी इसी जिले से जुड़े पुलवामा से जुड़े प्रमुख आतंकियों में हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बुरहान वानी, आतंकी कमांडर जाकिर मूसा और 2019 के CRPF काफिले पर आत्मघाती हमला करने वाला आदिल अहमद डार शामिल हैं। बुरहान वानी 2016 और जाकिर मूसा 2019 में मुठभेड़ में मारे गए थे। पुलवामा से जुड़ी दो बड़ी घटनाएं दिसंबर 2017: लेथपोरा स्थित CRPF ग्रुप सेंटर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया। 14 फरवरी 2019: लेथपोरा के पास CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश, कुछ नेता देश तोड़ने में मदद कर रहे RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में भी बांग्लादेश और फ्रांस जैसे हालात बनाने की कोशिश हो रही है। दुनिया में ऐसी शक्तियां हैं, जो भारत को दबाना चाहती हैं। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन कर हालात सुधारना नहीं, बल्कि अपने पिट्ठू बैठाना है। पूरी खबर पढ़ें…

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