जबलपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी संस्कार कांवड़ यात्रा 16वें वर्ष निकाली जा रही है। नर्मदा तट स्थित गौरीघाट से खमरिया के कैलाशधाम तक करीब 33 किलोमीटर लंबी यात्रा सुबह 6 बजे शुरू हुई। आयोजकों के मुताबिक, इसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री रांझी के व्हीकल मोड़ से कांवड़ियों के साथ दर्शन चौक तक पैदल चल रहे हैं। सीएम के साथ दादा गुरु भी यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए हैं। यात्रा के दौरान 300 से अधिक सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पंडाल लगाए हैं। कांवड़ियों के स्वागत के लिए फूलों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए 24 से अधिक थानों की पुलिस तैनात की गई है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। देखिए तस्वीरें… स्कूलों में छुट्टी, रूट डायवर्ट
यात्रा के दौरान शहर के कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में छुट्टी के आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। झांकी, मंच या वाहन पर अधिकतम दो साउंड बॉक्स लगाए जा सकेंगे। स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं होगा और ध्वनि की अधिकतम सीमा 50 डेसिबल तय की गई है। हॉर्न स्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। विवादित या किसी की भावनाओं को आहत करने वाले गीत भी नहीं बजाए जा सकेंगे। एक संकल्प-एक पौधा
संस्कार कांवड़ यात्रा का यह 16वां वर्ष है। कोविड के दौरान दो साल यात्रा नहीं निकाली गई थी। यात्रा की खास परंपरा के तहत श्रद्धालु नर्मदा जल के साथ एक पौधा भी लेकर चलते हैं, जिसे कैलाशधाम की पहाड़ियों में रोपा जाता है। इसी पहल से कैलाशधाम की पहाड़ी अब हरियाली से भर गई है। यात्रा गौरीघाट से शुरू होकर रेत नाका, रामपुर चौक, शंकराचार्य चौक, शास्त्री ब्रिज, तीन पत्ती, यातायात चौक, सुपर मार्केट, लॉर्डगंज, बड़ा फुहारा, सराफा बाजार, बेलबाग, घमापुर, कांचघर, गोकलपुर और रांझी होते हुए कैलाशधाम पहुंचेगी। करीब 4 बजे यात्रा के कैलाशधाम पहुंचने की संभावना है, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है यात्रा
संस्कार कांवड़ यात्रा का नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। इस बार यात्रा समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार और रामू दादा सहित संतजनों के सान्निध्य में निकाली जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और यात्रा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है।
