19 सितंबर को इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी हलचल के बीच अब छात्रों के अपने मुद्दे भी सामने आने लगे हैं। कार्यक्रम के लिए लाखों में रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, लेकिन कितने हुए हैं इसे लेकर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। इस मामले में भाजपा-कांग्रेस के बीच कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी जारी है, लेकिन छात्रों का कहना है कि मंच केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यहां शिक्षा व्यवस्था, AI, खेल, शिक्षक प्रशिक्षण और कॉलेजों में अनुशासन जैसे उनके वास्तविक मुद्दों पर भी बात होनी चाहिए। छात्रों के मुताबिक किसी भी बड़े आयोजन की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसमें छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं और भविष्य से जुड़े सवालों की आवाज सत्ता और व्यवस्था तक पहुंचे। उनका कहना है कि राजनीतिक मंच से ज्यादा जरूरी समस्याओं के समाधान का मंच तैयार करना है। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहती है इंदौर के जेन जी…
