छतरपुर जिला अस्पताल में गुरुवार को सर्पदंश से मौत के 4 मामलों में पोस्टमार्टम किए गए। इनमें 2 लोगों को अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि 2 की इलाज के दौरान मौत हुई। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने इसकी पुष्टि की है। मृतकों में गणेश पटेल, 27 वर्षीय राकेश यादव, 60 वर्षीय भगुनिया कुशवाहा और 18 वर्षीय रचना साहू शामिल हैं। राकेश यादव और गणेश पटेल को 20 अगस्त को जिला अस्पताल लाया गया था। दोनों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। भगुनिया कुशवाहा को 20 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे जिला अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं 18 वर्षीय रचना साहू को सुबह करीब 5:30 बजे शाहगढ़ से जिला अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। दो दिन में सर्पदंश के 14 मरीज पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया के अनुसार, इससे पहले पिछले दो दिनों में सर्पदंश के 14 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से एक मरीज को रेफर किया गया था, जबकि एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिला अस्पताल में हर साल करीब 1500 से 2000 एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन का इस्तेमाल होता है। पिछले 2-3 वर्षों से यह संख्या लगभग 1500 से 2000 के बीच रही है। बारिश में बढ़ जाते हैं सर्पदंश के मामले डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। ऐसे में सांप सूखी जगहों की तलाश में बाहर निकलते हैं और घरों, खेतों व आसपास के इलाकों में पहुंच जाते हैं। इसी वजह से बारिश के मौसम में सांप और दूसरे जीव-जंतुओं के काटने के मामले बढ़ जाते हैं। झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें डॉक्टरों ने सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की है। डॉ. रवि सोनी के अनुसार, कई लोग सांप के डंसने के बाद अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक या स्थानीय उपचार पर निर्भर रहते हैं। हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचने पर इलाज मुश्किल हो जाता है। डॉक्टरों ने कहा कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। बारिश के मौसम में रात के समय बाहर निकलने और घर के आसपास विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। यह भी पढ़ें… 2 दिन में स्नेक बाइट के 14 मरीज:एक की मौत
छतरपुर में बारिश और जलभराव के साथ सांप के डसने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दो दिनों में जिला अस्पताल में स्नेक बाइट के 14 मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें से एक मरीज को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। पूरी खबर पढ़िए…
