राजस्थान के अलवर में बुधवार देर रात सड़क हादसे में श्योपुर के एक ही परिवार के पांच लोग कार में जिंदा जल गए। हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लक्ष्मणगढ़ में पिलर 115/300 के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, कार दिल्ली से कोटा जा रही थी। तभी अर्टिगा के इंजन से अचानक आग की लपटें उठीं। कुछ सेकेंड में गाड़ी आग की चपेट में आ गई। सवार लोग बाहर नहीं निकल पाए और जिला जल गए। आग बुझाने के बाद कार में सिर्फ हड्डियां मिलीं। ड्राइवर आग लगते ही बाहर कूद गया था। हालांकि वह भी नहीं बच पाया। देखिए हादसे से जुड़ी 4 तस्वीरें…. वैष्णो देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहा था परिवार मृतक परिवार जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर से लौट रहा था। संतोष की सास पार्वती की बीमारी ठीक होने पर मन्नत पूरी करने वे वहां गए थे। हादसे में पार्वती (55), संतोष (35), पत्नी शशि (30) और बेटी साक्षी (9) की मौत हो गई। सभी श्योपुर के चैनपुरा गांव के रहने वाले थे। घटना में ड्राइवर विनोद कुमार मेहर खिड़की से छलांग लगाक कूद गया था। हालांकि, वह करीब 80% झुलस चुका था।उसे पहले पिनान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। आग बुझाने में करीब 15 मिनट का समय लगा अलवर ASP प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि रात करीब 11.15 बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिस को कार में आग की जानकारी मिली थी। रात करीब 11.30 बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। आग बुझाने में करीब 15 मिनट का समय लगा। आशंका है कि सीएनजी के कारण आग तेजी से भड़की थी। अफसरों ने पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया मृतकों के परिजन शवों को लेने के लिए अलवर के लिए रवाना हो गए हैं। इधर, श्योपुर में मृतकों के घर पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं। तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। मृतक संतोष के साडू के अनुसार, परिवार सास पार्वती की बीमारी ठीक होने के बाद मन्नत पूरी करने गया था।
