सीहोर जिले के बाबरी घाट पर सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर नावों का संचालन किया जा रहा है। नाव संचालक निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल जैसे भारी वाहनों को लादकर नदी पार करा रहे हैं। सुरक्षा के लिए नावों में न तो लाइफ जैकेट मौजूद हैं और न ही आपात स्थिति के लिए गोताखोर तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण कर ठेकेदार को क्षमता से अधिक लोगों को न बैठाने और लाइफ जैकेट अनिवार्य करने के सख्त निर्देश दिए हैं। तस्वीरों से समझिए कैसा दिखता है असंवेदनशील प्रशासन… फायर एक्सटिंगुइशर और गोताखोर नदारद, भारी वाहन भी लादे जा रहे
नियमों के अनुसार, मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर का होना अनिवार्य है, लेकिन बाबरी घाट पर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। घाट पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती की गई है। जबलपुर के बरगी बांध हादसे के बाद भी यहां संचालक यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। नावों में इंसानों के साथ भारी वाहन लादकर नदी पार कराई जा रही है। यात्री बोले- ओवरलोडेड नावों में यात्रा करना जोखिम भरा
नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि, “बाबरी घाट पर नियमों की अनदेखी की जा रही है। ओवरलोडेड नावों में यात्रा करना जोखिम भरा है।” वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यहां किसी भी समय कोई गंभीर घटना हो सकती है। एसडीएम ने किया निरीक्षण, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने बाबरी नाव घाट का निरीक्षण कर नाव संचालक ठेकेदार को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने नाव संचालन से पहले नियमित रूप से नाव की तकनीकी जांच करने और केवल अनुभवी नाविकों द्वारा ही नाव चलवाने के निर्देश दिए हैं। घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और आवश्यक सूचना पट्ट लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने चेतावनी दी है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
