चक्रवाती तूफान मुरासु सोमवार देर रात 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराना शुरू हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक, यह सुबह 4 बजे तक पूरी तरह से आंध्र तट को पार कर जाएगा। यह नेल्लोर और नरसपुर के बीच तट से टकराया है। इस दौरान आंध्र के तटीय इलाकों में 100 से 110 kmph की रफ्तार से हवा चल रही है। आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट पर 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं। तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में रविवार रात से बारिश हो रही है। चेन्नई में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ओडिशा सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों से 1.6 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह भेज दिया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी चक्रवात का असर दिख सकता है। मुरासु का असर शुरू, 4 तस्वीरें… राज्यवार चक्रवात मुरासु का असर आंध्र प्रदेश: 90 जवानों की 3 NDRF टीमें तैनात चक्रवात से निपटने के लिए NDRF की चौथी बटालियन की तीन टीमें तमिलनाडु के रणिपेट जिले में अरक्कोनम के पास नागरिककुप्पम से रवाना की गई हैं। इन टीमों में 90 जवान शामिल हैं। इन्हें आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। चक्रवात का सबसे ज्यादा असर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में पड़ने की आशंका है। तमिलनाडु: 24 घंटे में चेन्नई में 11 सेमी बारिश चेन्नई में पिछले 24 घंटे के दौरान माधवरम में सबसे ज्यादा 11 सेमी बारिश दर्ज की गई। एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेमी बारिश हुई। शहर के 22 सबवे में से दो में पानी भर गया। चेन्नई नगर निगम ने जलभराव से निपटने के लिए पंप और फील्ड टीमों को तैनात किया है। तिरुवल्लूर के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं। ओडिशा: पुरी में भारी बारिश, रायगढ़ा में रेस्क्यू टीमें अलर्ट ओडिशा के पुरी जिले में चक्रवात का असर शुरू हो गया है। सोमवार सुबह से भारी बारिश हो रही है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। रायगढ़ा जिले में प्रशासन ने सभी 11 फायर स्टेशन की टीमों को अलर्ट पर रखा है। NDRF, ODRAF और ओडिशा फायर सर्विस के 300 से ज्यादा बचाव दल तैनात किए गए हैं। मौसम विभाग ने गंजाम और गजपति में भारी बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है।
चक्रवात के नाम का मतलब ‘युद्ध का नगाड़ा’ चक्रवात मुरासु का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। मुरासु ने 1 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का रूप लिया था। 24 घंटे के भीतर यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। देश में एक हफ्ते के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवात है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ आया था। लगातार दो चक्रवातों के बनने से इस दौरान बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के तटीय इलाकों में मौसम प्रभावित हुआ है। तूफान अर्नब से आंध्र प्रदेश-ओडिशा में 6 की मौत हुई थी बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर की देर रात 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। यहां 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी बारिश हुई थी। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 6 मौतें हुई हैं। आंध्र के 31 घरों को नुकसान पहुंचा था। 57 हजार लोगों को शिफ्ट किया गया था। तूफान के कारण 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर 21 फ्लाइट्स रद्द हुई थीं। 16 जिलों में स्कूल बंद किए गए थे। चेन्नई के एन्नोर बीच पर तूफान की वजह से 20 फीट ऊंची समुद्र की लहरें उठी थीं। ———————- यह खबर भी पढ़ें… यूपी के 10 शहरों में कोहरा,वाराणसी में 2 फ्लाइट डायवर्ट: केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी, पारा माइनस 7°C; MP-छत्तीसगढ़ समेत 9 राज्यों में बारिश का अलर्ट उत्तर प्रदेश में 3 दिन लगातार हुई बारिश के बाद ठंड शुरू हो गई। सोमवार सुबह वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया समेत 10 से ज्यादा शहरों में घना कोहरा छाया रहा। राजस्थान में रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
