ग्वालियर में बच्चों की जिंदगी को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ाए जा रहे ओवरलोडेड वाहनों पर ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मुरैना की एक कोचिंग की बस में क्षमता से दोगुने से भी ज्यादा बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसकर ले जाया जा रहा था। जिस बस में 38 सवारियों की जगह थी, उसमें 92 मासूमों को बैठा रखा था। चिड़ियाघर के पास घेराबंदी कर ट्रैफिक पुलिस ने बस को जब्त किया और 10 हजार रुपए का चालान काटा। घटना सोमवार रात 9.30 बजे चिड़ियाघर के पास की है। कोचिंग वाले बच्चों को पिकनिक पर लेकर ग्वालियर आए थे। चेकिंग में खुली पोल: 38 की जगह मिले 92 बच्चे यातायात थाना (झांसी रोड) प्रभारी वंदना राजावत की टीम सोमवार रात चिड़ियाघर के पास वाहनों की नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुरैना की एक प्राइवेट कोचिंग की बस वहां से गुजरी। बस के अंदर का नजारा देख पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। जांच करने पर पता चला कि 38 सीटर बस में 92 बच्चों को बैठाया गया था, यानी क्षमता से पूरे 54 बच्चे ज्यादा। हादसे का बना था खतरा, बाल-बाल बची जान इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को बस में ठूंसकर ले जाना उनकी सुरक्षा के साथ सरासर खिलवाड़ था। रास्ते में अगर अचानक ब्रेक लगाने पड़ते या कोई दुर्घटना होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने तुरंत बस को साइड में लगवाया और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। स्कूल और कोचिंग संचालकों में हड़कंप ग्वालियर पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाले स्कूल और कोचिंग संचालकों की लापरवाही उजागर हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मासूमों की जान से खिलवाड़ करने वाले वाहन चालकों और कोचिंग प्रबंधनों के खिलाफ आगे भी यह सख्त अभियान जारी रहेगा।
