ग्वालियर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव कराने को लेकर स्टेट बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के बीच विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। स्टेट बार काउंसिल की ओर से गठित तदर्थ समिति को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकारी वकीलों की ड्राफ्टिंग पर मौखिक रूप से सवाल उठाए। वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक के मुताबिक, अदालत ने चुनाव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से गठित निर्वाचन समिति से कराने और 31 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। विस्तृत लिखित आदेश आना अभी बाकी है। सरकारी वकीलों की ड्राफ्टिंग पर मौखिक टिप्पणी सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता (AG), डिप्टी एडवोकेट जनरल और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया की कानूनी तैयारी और याचिका की ड्राफ्टिंग पर तल्ख टिप्पणी की। अदालत ने सवाल किया कि यदि याचिका में ऐसी कमियां हैं, तो सरकारी पक्ष की पैरवी कैसे की जाएगी। मामले में अदालत की मौखिक टिप्पणियों का विस्तृत ब्यौरा लिखित आदेश आने के बाद स्पष्ट होगा। छह दिन में बनी दूसरी कमेटी, चुनाव को लेकर खींचतान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पिछले चुनाव 20 अप्रैल 2023 को हुए थे। कार्यकारिणी का दो साल का कार्यकाल 20 अप्रैल 2025 को समाप्त हो गया था, लेकिन चुनाव नहीं हो सके। चुनाव कराने के लिए स्टेट बार काउंसिल ने 15 अक्टूबर को एडवोकेट राजेंद्र जैन के संयोजकत्व में नौ सदस्यीय तदर्थ समिति गठित की थी। इसके बाद बुधवार को बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक की अध्यक्षता में बैठक हुई। चुनाव अधिकारी एडवोकेट अरुण पटेरिया ने चुनाव कराने में असमर्थता जताई, जिसके बाद सर्वसम्मति से आठ सदस्यीय नई निर्वाचन समिति गठित की गई। इसमें पीसी चांदिल, संजीव कुमार मिश्र, अनिल श्रीवास्तव, रागिनी मिश्रा, शूरवीर चाहर, पुरुषोत्तम पांडेय, सोमवीर यादव और ऋषि कुमार कटारे शामिल हैं। बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद बैठक में अध्यक्ष पवन पाठक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, सचिव महेश गोयल, मनीष शर्मा, आबिद खान, अखिलेश गुप्ता, प्रभात हिन्नारिया और ऐश्वर्य जोशी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। वहीं, सरनाम सिंह, हरियोगेंद्र भदौरिया, दिलीप पाठक, योगेश सिंघल, आशीर्वाद द्विवेदी, कीर्ति द्विवेदी और अंशु गुप्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि स्टेट बार काउंसिल की चुनाव समिति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणियां कीं। उनके मुताबिक, अदालत ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की निर्वाचन समिति से चुनाव कराने और 31 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। ये खबर भी पढ़ें… ‘100 आए, 10 खर्च हुए तो नाप दिए जाओगे…’ ग्वालियर की बदहाल और गड्ढों में तब्दील सड़कों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को सड़कों की खराब स्थिति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने सरकारी सिस्टम, अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई।पूरी खबर पढ़ें
