ग्वालियर के डीडी नगर स्थित वैष्णो ज्वेलर्स के संचालक पिता-पुत्र पर करोड़ों रुपए की ठगी के आरोप लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मुख्य आरोपी सचिन सोनी और उसके पिता विनोद सोनी की उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तारी के बाद अब नए-नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। महाराजपुरा थाने में शिकायतकर्ताओं की कतार लग गई है। इस मामले में सोमवार को ही 14 नई शिकायतें आई है। ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले बाजार में अपनी अच्छी साख बनाई। वे लोगों का सोना गिरवी रखने, पुराने जेवरों पर नया काम करने, हॉलमार्क कराने, पॉलिश कराने और नए आभूषण बनाने के नाम पर सोना और नकदी जमा करते रहे। कई लोगों को सस्ते ब्याज पर गिरवी रखा सोना छुड़वाकर दिलाने का भी झांसा दिया गया। जब उनके पास बड़ी मात्रा में सोना और नकदी जमा हो गई तो वे अचानक दुकान बंद कर फरार हो गए। पहले प्रॉपर्टी कारोबारी से 80 लाख का सोना ठगा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सबसे पहले एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करीब 80 लाख रुपए मूल्य का सोना ठगा था। इसके बाद लगातार अन्य लोग भी सामने आने लगे। कोतवाली थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के बाद बुधवार रात उत्तर प्रदेश के मेरठ से सचिन सोनी और विनोद सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 971 ग्राम सोने के जेवरात बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पहले 3 किसानों ने दर्ज कराई एफआईआर गिरफ्तारी के बाद सबसे पहले तीन किसानों ने महाराजपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने रविवार एफआईआर दर्ज की। हॉलमार्क का बोलकर बाद में आने को कहा इधर, महाराजपुरा निवासी धर्मवीर सिंह गुर्जर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नई चेन बनवाने के लिए ढाई तोला पुराना सोना और 65 हजार रुपए सचिन सोनी को दिए थे। 28 मई को जब वे चेन लेने पहुंचे तो सचिन ने कहा कि हॉलमार्क लगना बाकी है और बाद में आने को कहा। इसके कुछ समय बाद दुकान बंद कर आरोपी फरार हो गए। इन पीड़ितों से हुई ठगी नोट: इनके अलावा पूर्व में मानसिंह गुर्जर की शिकायत पर कोतवाली थाने में और तीन अन्य किसानों की शिकायत पर महाराजपुरा में पहले ही मामले दर्ज हैं। भरोसा जीतकर रचा करोड़ों का खेल स्थानीय लोगों के अनुसार सचिन सोनी और विनोद सोनी वर्षों से इलाके में कारोबार कर रहे थे। वे बेहद मिलनसार और भरोसेमंद छवि बनाकर लोगों के बीच पहचान बना चुके थे। इसी विश्वास के आधार पर लोगों ने लाखों रुपए और बड़ी मात्रा में सोना उनके पास जमा कराया। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लोगों का सोना और नकदी इकट्ठा की और फिर एक साथ दुकान समेटकर फरार हो गए। आरोपी रिमांड पर, पूछताछ जारी महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल के अनुसार आरोपियों के खिलाफ शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जैसे-जैसे नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, साक्ष्यों के आधार पर नई एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। आरोपियों को नए मामलों में रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि ठगा गया सोना और नकदी बरामद की जा सके और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
