संगीत सम्राट तानसेन की कर्मभूमि और भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रमुख धरोहर ग्वालियर को जल्द ही नई सांस्कृतिक पहचान मिलने जा रही है। शहर के ऐतिहासिक मोती महल परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘म्यूजियम ऑफ म्यूजिक’ विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत मोती महल के मूल ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संगीत संग्रहालय में परिवर्तित किया जाएगा, जहां ग्वालियर की समृद्ध संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। बनेगा सांस्कृतिक पर्यटन का नया केंद्र इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इच्छुक एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। चयनित एजेंसी मोती महल के संरक्षण कार्य के साथ संग्रहालय के निर्माण, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी। परियोजना का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण करना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक सांस्कृतिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा ‘सिटी ऑफ म्यूजिक’ का दर्जा मिलने के बाद इस परियोजना का महत्व और बढ़ गया है। संग्रहालय तैयार होने के बाद यहां आने वाले पर्यटक भारतीय शास्त्रीय संगीत की विकास यात्रा, ग्वालियर घराने की गौरवशाली परंपरा, तानसेन सहित महान संगीत विभूतियों के योगदान और संगीत की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक ही स्थान पर समझ सकेंगे। पर्यटन और शोध को मिलेगा बढ़ावा परियोजना की प्रक्रिया
