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गेहूं के खेत में सैटेलाइट सर्वे दिखा रहा दूसरी फसलें:किसान नहीं कर पा रहे स्लॉट बुकिंग, जीतू पटवारी ने सीएम को लिखा लेटर

एमपी में गेहूं खरीदी देरी से शुरु होने को लेकर एक तरफ राजनीति हो रही है। वहीं दूसरी तरफ जब खरीदी शुरु हुई है तो ई-उपार्जन पोर्टल पर सैटेलाइट सत्यापन में किसानों की फसल गेहूं के बजाए दूसरी दिख रही है। इन गड़बड़ियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि तकनीकी खामियों के कारण हजारों किसान खरीदी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं और आर्थिक संकट झेलने को मजबूर हैं। सैटेलाइट सर्वे में पोर्टल पर दिख रही अलग फसल
पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ जो हो रहा है, वह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों की सच्चाई भी उजागर करता है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र विदिशा सहित पूरे प्रदेश से चिंताजनक मामले सामने आ रहे हैं। उनके अनुसार 6,437 से अधिक किसानों का ‘सैटेलाइट सर्वे’ फेल कर दिया गया है, जबकि खेतों में गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलें मौजूद हैं, लेकिन पोर्टल पर अन्य फसल दर्ज दिखाई जा रही हैं। स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ई-उपार्जन में स्लॉट बुकिंग के दौरान सैटेलाइट सत्यापन में ‘असत्यापित’ बताकर किसानों को खरीदी से बाहर किया जा रहा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि किसानों के जीवन पर सीधा प्रहार है। किसानों के बच्चों की फीस, शादियां रुकीं पत्र में किसानों की वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए पटवारी ने लिखा कि कई परिवारों में शादी-ब्याह के खर्च अटके हैं, बच्चों की स्कूल फीस रुक गई है और किसान बैंक व साहूकारों के कर्ज की किश्तें चुकाने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही ‘कृषि कल्याण वर्ष’ की वास्तविकता है, जहां पहले खरीदी में देरी हुई और अब तकनीकी खामियों के चलते किसानों को अपनी ही उपज बेचने से रोका जा रहा है। सैटेलाइट सर्वे की खामियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
पटवारी ने सरकार पर जमीनी हकीकत से कटने का आरोप लगाते हुए कहा कि डिजिटल सिस्टम के नाम पर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों का तत्काल मैन्युअल सत्यापन कर उन्हें खरीदी में शामिल किया जाए और सैटेलाइट सर्वे की खामियों की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा देने की भी मांग की है। पटवारी ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से संवेदनशीलता दिखाने और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।

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