खुरई के मालथौन थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव में 9 महीने पहले हुई हत्या के चर्चित मामले में कोर्ट का फैसला आया है। शुक्रवार को खुरई के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शोएब खान की अदालत ने एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों और उनकी मां को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सरकारी अभियोजक बलबीर सिंह के अनुसार, वारदात 14 अक्टूबर 2025 की रात की है। आरोपी सुरेंद्र दांगी को शक था कि ताऊ का बेटा शुभम उसकी पत्नी को भगा ले गया था। इसी रंजिश में जब शुभम खाद की बोरी के पैसे देकर लौट रहा था, तभी उसके चचेरे भाइयों और चाची ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी, कतरना, कुल्हाड़ी और देशी कट्टे का इस्तेमाल किया था। सुरेंद्र ने शुभम को दो गोलियां मारीं और गर्दन पर लोहे के कतरना से जोरदार वार किया, जिससे उसकी गर्दन लगभग कटकर अलग हो गई और मौके पर ही मौत हो गई। भाई को बचाने आए युवक को भी किया था घायल शुभम को बचाने पहुंचे उसके भाई रणवीर पर भी आरोपियों ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल रणवीर ने ही मालथौन थाने पहुंचकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी सुरेंद्र दांगी, उसके भाई आशीष दांगी, राजीव दांगी और उनकी मां शारदा बाई दांगी को हत्या का दोषी पाया। नाबालिग पर अलग केस, दादी अब भी फरार इस हत्याकांड में शामिल एक नाबालिग आरोपी का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है, जबकि आरोपी राजीव की दादी लच्छी बाई वारदात के बाद से ही फरार चल रही है। फैसले के वक्त सभी चारों आरोपी खुरई उपजेल में बंद थे, जिन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया और सजा सुनाई गई।
