राजधानी भोपाल में 15 जनवरी को होने वाली ऐतिहासिक आर्मी डे परेड के बहाने भेल क्षेत्र की जर्जर हो रही सड़कों की सूरत भी बदल जाएगी। मुख्य समारोह के लिए न केवल सैन्य काफिले के रूट को भारी-भरकम टी-90 भीष्म, अर्जुन टैंक के आवागमन लायक मजबूत किया जा रहा है, बल्कि आम जनता के लिए करीब 25 किमी लंबे वैकल्पिक मार्गों का भी कायाकल्प होगा। इन टैंकों को बड़े ट्रकों से जंबूरी मैदान पहुंचाया जाएगा। यहां से कॅरियर कॉलेज (भेल) से जंबूरी मैदान तक इनकी प्रदर्शनी होगी। परेड और सैन्य प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पूरी तरह रिजर्व रहेगा। ऐसे में नियमित ट्रैफिक जाम में न फंसे, इसके लिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने 7 प्रमुख वैकल्पिक रास्ते चिह्नित किए हैं। इन सड़कों के चौड़ीकरण और पैचवर्क का काम शुरू कराने की योजना तैयार की गई है।। कॅरियर कॉलेज (भेल) से जंबूरी मैदान तक की 3.5 किमी सड़क विशेष तकनीकी मानकों के तहत तैयार की जा रही है। सेना के युद्धक टैंक और आर्म्ड व्हीकल्स का वजन 45 से 60 टन तक होता है। सामान्य सड़कों पर कैटरपिलर (टैंक के चेन ट्रैक) चलने से डामर उखड़ जाता है। इसे रोकने के लिए बेस को कंक्रीट लेयर से मजबूत कर उस पर हाई-ग्रेड डेंस बिटुमिनस कंक्रीट बिछाई जाएगी, ताकि सड़क धंसे नहीं। राहत… वैकल्पिक मार्ग के तौर पर सुधरेंगी ये 7 सड़कें परेड के बाद अवधपुरी, भेल समेत शहर को ये फायदा
