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‘कुछ लोगों को नहीं पता ज्ञापन कहां देना है’:CM ने राहुल गांधी पर तंज कसा; चीफ जस्टिस बोले-बार और बेंच में आपसी सम्मान जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भी पता नहीं है कि ज्ञापन कहां दिया जाता है और याचिका कहां दायर की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। शुक्रवार को कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच बेहतर समन्वय को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। सीएम बोले- सरकार ने 900 से ज्यादा अनुपयोगी कानून खत्म किए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद 900 से अधिक अनुपयोगी कानूनों को समाप्त किया गया है। सरकार का प्रयास पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर व्यवस्था को सरल बनाना है। मुख्यमंत्री ने भारत के पड़ोसी देशों की लोकतांत्रिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर चुनौतियां सामने आई हैं। वहीं, भारत में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चीफ जस्टिस बोले- संविधान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि प्रशासन और लोकतंत्र के अलग-अलग स्तंभों की भूमिकाएं भले ही अलग हों, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य एक ही है। संविधान की रक्षा करना, नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखना और प्रत्येक व्यक्ति को बिना भय या पक्षपात के निष्पक्ष न्याय दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच संबंध आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता, पेशेवर ईमानदारी और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित होने चाहिए। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संविधान की रक्षा हमारा साझा उद्देश्य होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने एडवोकेट जनरल की भूमिका को सराहा मुख्य न्यायाधीश ने एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल का कार्यालय अधिवक्ताओं को अनुभव और पेशेवर दक्षता विकसित करने का अवसर देता है। यह उन्हें समाज में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करता है। उन्होंने अपने सम्मान के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री, साथी न्यायाधीशों, एडवोकेट जनरल, आयोजकों और अधिवक्ता समुदाय का आभार जताया। साथ ही कहा कि संविधान के आदर्शों की रक्षा करना और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। शाम साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम करीब साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। शहपुरा के कैफे में कुल्हड़ वाली चाय का आनंद लिया इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर से जबलपुर आते समय शहपुरा स्थित एक कैफे पहुंचे। यहां उन्होंने कुल्हड़ में चाय पी और युवाओं से बातचीत की। व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर युवा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। चाय पर चर्चा के दौरान युवाओं से संवाद हुआ। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति अपना उत्साह और समर्पण जताया।

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