शिवपुरी जिले के करैरा में सात दिवसीय श्रीराम कथा के समापन पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि करैरा में बागेश्वर धाम का मठ बनाया जाएगा, जो अगले तीन साल में तैयार होगा। अंतिम दिन कथा सुनने के लिए करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा आयोजकों ने किया। इस दौरान पं. शास्त्री ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा, यह उनका संकल्प है। कथा के अंतिम दिन पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करैरा में बागेश्वर धाम का मठ की जिम्मेदारी पं. राजेश दुबे ‘भोला महाराज’ को दी। उन्होंने करैरा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि इस बार यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। साथ ही बगीचा वाले हनुमान जी के मंदिर की बाउंड्री और भक्त आरक्षक की समाधि के निर्माण की अपील भी की। सीता-राम विवाह के प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु अंतिम दिन की कथा में पं. शास्त्री ने भगवान श्रीराम के शिव धनुष तोड़ने, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और परशुराम द्वारा श्रीराम को पूर्ण परमात्मा के रूप में पहचानने का प्रसंग सुनाया। इसके बाद अयोध्या से मिथिला पहुंची बारात और भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के विवाह का वर्णन किया। ‘आज सिया राम जी का शुभ विवाह है…’ भजन गूंजते ही श्रद्धालु नाचने-गाने लगे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सीता-राम विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इसके बाद श्रीरामचरित मानस की आरती की गई। कथा की शुरुआत में पं. शास्त्री ने सीता-सीता सीताराम कहिए…और भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा, यह मेरा संकल्प है…जैसे भजन प्रस्तुत किए। इन भजनों पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। गुरु दीक्षा, विभूति वितरण और विशाल भंडारा कथा के अंतिम दिन सुबह 9 बजे श्रीराम राजा होटल में श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा दी गई। इसके बाद बगीचा धाम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजकों के अनुसार, करैरा में पहली बार हजारों श्रद्धालुओं को बागेश्वर धाम में सवा लाख हनुमान जी के पाठ से सिद्ध विभूति वितरित की गई। सात दिनों तक चले इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचे। अंतिम दिन भी कथा स्थल पर बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
