भोपाल के बावड़िया कलां स्थित गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित में भू-माफिया, फर्जी पदाधिकारियों और विभागीय लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। सहकारिता विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन कलेक्टर अविनाश लवानिया द्वारा वर्ष 2021 में संस्था की जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिखित निर्देश के बावजूद प्लॉटों की रजिस्ट्रियां होती रहीं। जांच में वर्ष 2018 से 2023 के बीच की गई 50 रजिस्ट्रियों में से 32 को अवैध पाया गया है। साथ ही 38 रजिस्ट्रियों से मिले करीब 18.74 करोड़ रुपए संस्था के खाते में जमा नहीं किए गए।शिकायतों के बावजूद वर्षों तक कार्रवाई नहीं होने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत के हस्तक्षेप के बाद सहकारिता विभाग ने जांच शुरू की। बाद में अवमानना याचिका दायर होने पर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश की गई। ऑडिटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम प्लॉट बेचे गए। रिपोर्ट में तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल में अनियमितताएं होना दर्ज किया गया है। ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि समिति की कार्यवाही पंजी में बाद में ”पुनश्च” जोड़कर मनोज साहू को प्रबंधक दर्शाया गया और प्लॉट बेचने व बैंक खाता संचालित करने के अधिकार दे दिए गए। संबंधित प्रस्ताव अलग पेन और अलग लिखावट से बाद में दर्ज किया गया। कई रजिस्ट्रियों में दर्ज मोबाइल नंबर सहकारिता क्षेत्र के कथित माफिया दिनेश त्रिवेदी का मिला। वहीं, नियमों के विपरीत प्लॉट खरीदारों से 20 हजार रुपए से अधिक राशि नकद ली गई और कई मामलों में रसीद भी जारी नहीं की गई।आगे क्या : अवैध रजिस्ट्रियां निरस्त कराने कोर्ट पहुंचा विभागजांच रिपोर्ट के आधार पर सहकारिता विभाग ने अवैध रजिस्ट्रियों को शून्य घोषित कराने के लिए सिविल कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई हुई
मामले में 30 जुलाई को एक सुनवाई हो चुकी है। शिकायतकर्ता एवं संस्था के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय अशोक दीक्षित के पुत्र विवेक दीक्षित का कहना है कि जांच रिपोर्ट ने वास्तविक सदस्यों के अधिकार छीनकर किए गए फर्जीवाड़े और करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि कर दी है।
