कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया इस समय गंभीर प्रशासनिक संकट और कानूनी जांच के घेरे में हैं। उन पर अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। एयर इंडिया में एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर राज्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से पुलिस विभाग में आईं नेहा पच्चीसिया का करियर अब सवालों के घेरे में है। ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपए की अवैध वसूली का आरोप कटनी में पदस्थापना के बाद कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के दावों के बीच 21 जुलाई की रात घटी एक घटना ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। कटनी के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र जैन (जिनकी 5 गाड़ियां रेत और डोलोमाइट परिवहन में लगी हैं) ने 22 जुलाई को पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा से लिखित शिकायत की।
21 जुलाई की रात चेकिंग के नाम पर हाईवा गाड़ी को रोककर CSP नेहा पच्चीसिया द्वारा 30,000 रुपए की मांग की गई। मौके पर 25,000 रुपए नकद लिए गए, जबकि शेष 5,000 रुपए अगले दिन चालक के माध्यम से देने की बात तय हुई। पैसे न देने पर वाहन को थाने में खड़ा कर कार्रवाई करने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के साथ निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसपी की त्वरित कार्रवाई चालक निलंबित, 3 थानों का प्रभार छीना
मामले की गंभीरता को देखते हुए कटनी SP अभिनय विश्वकर्मा ने प्रारंभिक जांच के बाद CSP के चालक/आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
कार्य विभाजन में बदलाव करते हुए CSP नेहा पच्चीसिया के अधिकार क्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना हटाकर इनका प्रभार अजाक DSP शिवा पाठक को सौंप दिया।
हत्या के मामले में डिफॉल्ट बेल और जमीन हड़पने का आरोप
ट्रांसपोर्टर से वसूली का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उनके खिलाफ विभागीय जांच के दो नए मामले सामने आ गए। हत्या के एक गंभीर प्रकरण में निर्धारित 90 दिनों की समय-सीमा के भीतर न्यायालय में चालान पेश न करने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिल गई। इसमें CSP की घोर लापरवाही मानी जा रही है।
इसी हत्या के आरोपी ने न्यायालय में CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ परिवाद दायर किया है। आरोप है कि केस में कानूनी लाभ पहुंचाने के एवज में उसकी कीमती जमीन को बेहद कम दामों पर खुर्द-बुर्द कर बेचा गया।
प्रशासनिक स्थिति और वर्तमान जांच
लगातार सामने आ रहे गंभीर मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी सख्त रुख अपना रहे हैं। मामले की गंभीरता और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं। ट्रांसपोर्टर से वसूली और हत्या के मामले में प्रक्रियात्मक अनियमितताओं से जुड़ी दोनों जांच जबलपुर की एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल को सौंप दी गई हैं।
कटनी पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य निकलकर आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक व विभागीय कार्रवाई तय होगी। एयर होस्टेस से बनी पुलिस अधिकारी मूल रूप से मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की निवासी नेहा पच्चीसिया ने अपने करियर की शुरुआत एविएशन और कॉर्पोरेट सेक्टर से की थी। 12वीं के बाद उन्होंने एविएशन में डिप्लोमा किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने कई प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियों में भी काम किया। जनसेवा की भावना के चलते उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा का रुख किया। 2012 से 2015 तक की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने MPPSC-2012 परीक्षा (अंतिम परिणाम 2016) में पूरे प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल की। पुलिस विभाग में आने से पहले उन्होंने कुछ समय महिला एवं बाल विकास विभाग में भी सेवाएं दी थीं। कई सराहनीय काम भी किए उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के रूप में चयन के बाद उनकी पहली मैदानी पदस्थापना गुना में CSP के तौर पर हुई। गुना में पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘महिला मोबाइल पुलिस स्टेशन’ की शुरुआत की, जिसे काफी सराहना मिली। इसके बाद वे भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) और खंडवा जिले में भी पदस्थ रहीं। मई 2025 में पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के तहत उन्हें कटनी का नया नगर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया था। हालांकि, हाल ही में लगे अवैध वसूली और विभागीय लापरवाही के गंभीर आरोपों ने उनके पुलिस करियर पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
