भोपाल में एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को जिला कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे एडवोकेट समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत से एक बार फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जा सकता है। इससे पहले भी दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही हुई हैं। इस सुनवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दिल्ली एम्स से मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश कर सकती है। सीबीआई ने 25 मई 2026 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच शुरू होने के बाद से एजेंसी लगातार वैज्ञानिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच की 60 दिन की अवधि पूरी होने से पहले सीबीआई इस मामले में चालान भी पेश कर सकती है। यदि तय समय-सीमा में चालान दाखिल नहीं होता है तो आरोपी पक्ष को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का लाभ लेने का अधिकार मिल सकता है। बंद लिफाफे में CBI को सौंपी पीएम रिपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी 11 पेज की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी थी। रिपोर्ट की एक प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। बताया जा रहा है कि वैज्ञानिक जांच में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू की पुष्टि हुई है। साथ ही बेल्ट पर मिले निशानों और ट्विशा की गर्दन पर पाए गए लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता मिलने का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट की आधिकारिक सामग्री अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ससुराल पक्ष ने ट्विशा की मौत को सुसाइड बताया था
ट्विशा 12 मई 2026 की रात कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली AIIMS से दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया था। मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमॉर्टम करने के साथ घटनास्थल का भी निरीक्षण किया था। अब इस रिपोर्ट को जांच का महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य माना जा रहा है। चालान पर रहेगी नजर
सीबीआई ने 25 मई को केस टेकओवर किया था। ऐसे में 60 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने से पहले एजेंसी को चालान पेश करना होगा। यदि समय-सीमा के भीतर चालान दाखिल नहीं होता है तो आरोपी पक्ष डिफॉल्ट जमानत का दावा कर सकता है। इसलिए शुक्रवार की सुनवाई को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट क्यों अहम?
पहले पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसी कारण मौत के कारण और इस्तेमाल हुई सामग्री को लेकर सवाल उठे थे। हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कर वैज्ञानिक परीक्षण किए। अब यही अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार मानी जा रही है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ट्विशा शर्मा के स्किन टिश्यू जिम बेल्ट पर मिले:दिल्ली AIIMS ने 11 पेज की फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपी एक्ट्रेस ट्विशा केस- CBI ने पति-सास पर दर्ज की FIR:रिटायर्ड जज को हाईकोर्ट का नोटिस; MP सरकार बोली- वे जांच में मदद नहीं कर रहीं एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद अंतिम संस्कार:भाई ने भोपाल में मुखाग्नि दी, दिल्ली AIIMS की टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया शादी में रिश्तेदारों ने कहा था-घर की जज ट्विशा होगी:सोशल मीडिया पर सामने आया वेडिंग ट्रेलर, समर्थ से मजाक करती दिखीं ट्विशा ने तेलुगु-शॉर्ट फिल्में की, मल्टीनेशनल एड भी शूट किए:मिस पुणे बनने से डेथ तक; जानिए कैसी थी ट्विशा शर्मा की ग्लैमरस लाइफ भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ने लगाई फांसी:आखिरी कॉल मेजर भाई को, बोली- अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे ले चलिए भैया
