बैरवा समाज का 105वां पारंपरिक फूलडोल चल समारोह उत्साह, उमंग के साथ निकाला गया। चल समारोह में समाज की एकता, सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं बच्चे समारोह में शामिल हुए। समाज के 24 मोहल्लों से 16 आकर्षक झांकियां, 24 अखाड़े और 10 रास मंडल फूलडोल चल समारोह में शामिल हुए। रात 9 बजे झांकियां और अखाड़े तीन बत्ती चौराहे से प्रदर्शन करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से निकले। विभिन्न स्थानों से होते हुए सोलह सागर पहुंचे। मार्ग में जगह-जगह स्वागत किया। अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक कला एवं शौर्य प्रदर्शन कर मन मोह लिया। अभा बैरवा युवा महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश जाटवा और महामंत्री राजकुमार केरोल ने बताया कि फूलडोल चल समारोह बैरवा समाज की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है।
