सागर के बंडा शराबकांड मामले में फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और आशीष साहू को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों पर 30-30 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, बुधवार तड़के 3 बजे नोनिया-सेसई रोड घाटी, थाना मालथौन क्षेत्र में आरोपियों का पुलिस टीम से सामना हुआ। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान मनीष लोधी और उसके साथी आशीष साहू ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायर किए। इस दौरान मनीष लोधी के पैर में गोली लगी। वहीं, गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहा आशीष साहू भी घायल हो गया। दो देसी कट्टे और 5 राउंड कारतूस जब्त पुलिस टीम ने मौके से दोनों आरोपियों के कब्जे से 2 देशी कट्टे, 5 राउंड कारतूस और एक बेसबॉल डंडा बरामद किया है। दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल पर जरूरी कार्रवाई करते हुए हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मामले में नियमानुसार कार्रवाई और जांच जारी है। शराबकांड में किसकी-क्या भूमिका जांच में शराब बनाने से लेकर गांवों तक सप्लाई करने तक कई लोगों की भूमिका सामने आई है। मामले में पुलिस अब तक 52 लोगों को आरोपी बना चुकी है। इनमें से 39 गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 11 अब भी फरार हैं। वहीं, आरोपी रामसिंह और दिनेश शिवहरे की जहरीली शराब पीने के बाद मौत हो चुकी है। मनीष लोधी: बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार आरोपी मनीष उर्फ यशवंत लोधी बरेठी में स्थित शराब दुकान का लाइसेंस ठेकेदार था। घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने ठेका निरस्त कर दिया है। इसी ठेके के संचालन और अवैध शराब सप्लाई में आरोपी आशीष साहू भी मदद करता था। अपराध दर्ज थे तो नाम बदलकर शराब ठेका लिया आरोपी मनीष लोधी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 11 अपराध दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड होने पर अपना नाम बदलकर यशवंत सिंह ठाकुर रखा। इसी नाम से उसने बरेठी शराब दुकान का ठेका लिया था। आरोपी ने यशवंत को अपना भाई बताया था। जबकि यशवंत वह खुद था। मामला उजागर होने पर आबकारी पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी का भी मामला दर्ज कराया है। रवि लखेरा: शराब बनाने का मास्टरमाइंड रवि लखेरा मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला है। वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रहता है। पुलिस के मुताबिक, वह अंतरराज्यीय शराब तस्कर है। मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश समेत कई थानों में उसके खिलाफ करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें सबसे ज्यादा आबकारी एक्ट के हैं। पुलिस ने बताया कि रवि को शराब बनाने और इसमें इस्तेमाल होने वाले सामान की अच्छी जानकारी है। वह अपनी टीम के जरिए नकली शराब तैयार करवाता था। मनीष लोधी: नकली शराब नेटवर्क तैयार किया मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार है। उसने रवि से शराब बनाने का तरीका सीखा। लाइसेंसी कारोबार की आड़ में नकली शराब का धंधा शुरू किया। मनीष पर 11 अपराध दर्ज हैं, जिनमें 6 आबकारी एक्ट से जुड़े हैं। बंडा में सागर रोड पर उसका बार भी था, जिसे मामला सामने आने के बाद सील कर दिया गया। चंद्रभान उर्फ चंदू: शराब बनाने और सप्लाई का काम ततरवारा गांव के रहने वाले चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू को पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उस पर नकली शराब बनाने और सप्लाई नेटवर्क चलाने का आरोप है। चंदू के मक्के के खेत में ही नकली शराब तैयार की गई थी। उसके खिलाफ 5 अपराध दर्ज हैं। शिवांजय राजपूत: शराब बनाने से सप्लाई तक भूमिका छापरी गांव का रहने वाला शिवांजय राजपूत सप्लाई नेटवर्क की मुख्य कड़ी है। वह चंदू का रिश्तेदार है और मनीष लोधी के संपर्क में था। शराब तैयार होने के बाद उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने में शिवांजय की बड़ी भूमिका रही है। चंदू के मक्के के खेत में बनाई गई थी अवैध शराब पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर को ततरवारा में चंदू के मक्के के खेत में अवैध शराब तैयार की गई थी। रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने का सामान उपलब्ध कराया। इसके बाद चंदू, शिवांजय और मनीष ने मिलकर करीब 50 पेटी शराब तैयार की। फिर इसे ‘सागर गोल्ड’ के नाम से आसपास के गांवों में सप्लाई किया गया। शराबकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… MP शराबकांड-फरार आरोपी शिवांजय का शॉर्ट एनकाउंटर:पुलिस ने जंगल में सुबह 4 बजे घेरा; काउंटर फायरिंग में पैर में लगी गोली
