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ईसाई धर्म नहीं अपनाया तो नौकरी से निकाला:जबलपुर के सेंट एलायसिस स्कूल की महिला कर्मचारियों ने लगाया धर्मांतरण का आरोप; पुलिस से शिकायत

जबलपुर के सेंट एलायसिस स्कूल में महिला सफाई कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। यहां काम कर रही महिला कर्मचारियों का आरोप है कि ईसाई धर्म अपनाने से इनकार करने पर नौकरी से निकाल दिया गया। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर हिंदू धर्म सेना भी महिलाओं के समर्थन में उतर आई है। शिकायत में स्कूल में काम करने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया कि हमें जबरन ईसाई धर्म अपनाने पर मजबूर किया जा रहा है। वहां हाल ही में आए नए फादर सोमी जैकब व अन्य स्टाफ ने कहा कि अगर हमारे स्कूल में काम करना है, तो ईसाई धर्म अपनाना होगा, नहीं तो बाहर निकल जाओ…। यह कहते हुए सेंट एलायसिस स्कूल रिमझा के फादर ने 3 से 4 महिला सफाई कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। कर्मचारियों ने परिवार का हवाला देते हुए मिन्नत की, पर फादर नहीं माने। परेशान होकर सफाई कर्मचारियों ने पुलिस से शिकायत की, इसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो एएसपी के पास पहुंची। उन्होंने उचित जांच का भरोसा दिया है। इस मामले में सेंट एलायसिस स्कूल के फादर सोमी जैकब का पक्ष जानने के लिए फोन लगाया पर उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। 2024 से काम कर रहीं, फादर बदलते ही दबाव बनाने लगे शारदा विहार मदर टेरेसा क्षेत्र निवासी दीपा पटेल ने शिकायत में आरोप लगाया कि वह वर्ष 2024 से स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रही थीं। उनके मुताबिक पहले सब कुछ सामान्य था। उस समय फादर वाल्टर पदस्थ थे, जिन्होंने उन्हें नौकरी पर रखा था। दीपा ने शिकायत में बताया कि दो दिन पहले फादर ने महिला कर्मचारियों को बुलाकर चर्च आने के लिए कहा। कुछ महिलाएं डर के कारण तैयार हो गईं, लेकिन दीपा सहित तीन-चार महिला कर्मचारियों ने मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उन पर दबाव बनाया गया कि स्कूल में नौकरी करनी है तो ईसाई धर्म अपनाना होगा। गुरुवार को स्कूल में काम के दौरान घर से फोन आने पर दीपा बात करने लगीं। इसी दौरान साथ में काम कर रही पहलवती ने उन्हें डांटना शुरू कर दिया। दीपा ने इसकी शिकायत फादर सोमी जैकब से की, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन पर ही धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और काम से बाहर निकाल दिया गया। 12 साल काम किया था कंटगी निवासी राजेश बाल्मिक ने बताया कि उसने 12 साल तक स्कूल में काम किया था। अप्रैल माह में घर पर भतीजे की शादी थी, इसलिए दो दिन की छुट्टी ले ली। अगले दिन स्कूल गए तो फादर ने यह कहते हुए गेट पर रोक दिया कि या तो धर्म परिवर्तन करो, नहीं तो नौकरी पर आने की कोई जरूरत नहीं है। हमने अपना पक्ष रखा पर हमें दो माह की सैलरी देकर नौकरी से निकाल दिया। राजेश ने बताया कि फादर अब तक कई लोगों को नौकरी से निकाल चुके हैं। हिंदू धर्म सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी मामले को लेकर हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत ने कहा कि सिर्फ दीपा ही नहीं, बल्कि कई महिलाओं को ईसाई धर्म स्वीकार नहीं करने पर नौकरी से निकाला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई स्कूलों में नौकरी के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी फादर पर कार्रवाई नहीं हुई तो स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। एएसपी ने जांच के दिए निर्देश एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत मिली है। शिकायत में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और मना करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के आरोप लगाए गए हैं। जांच विजय नगर थाना प्रभारी को सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें जबलपुर के चर्च में ब्लाइंड बच्चों के धर्मांतरण का आरोप:हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा जबलपुर के गोरखपुर थाना इलाके में एक चर्च में ब्लाइंड छात्र-छात्राओं का धर्मांतरण की सूचना के बाद हंगामा हो गया। मौके पर पहुंचकर हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा कर दिया। कुछ ही देर में विवाद इस कदर बढ़ गया कि हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता और चर्च में मौजूद लोगों के बीच हाथापाई तक हो गई। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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