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इंदौर में दोबारा न हो जल प्रदूषण:NGT ने हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों को बताया अहम; भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में कोर्ट की कार्रवाई पर जताया भरोसा

भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कहा है कि इंदौर में पेयजल आपूर्ति और जल प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहले से सुनवाई कर रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। भोपाल स्थित एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ के न्यायिक सदस्य जस्टिस शेओ कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल आपूर्ति एवं जल प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। हाई कोर्ट में पहले से लंबित है मामला सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि इंदौर में जल प्रदूषण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे पहले से ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से विचाराधीन हैं। विशेष रूप से भागीरथपुरा जल प्रदूषण प्रकरण में हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। हाईकोर्ट के जांच आयोग पर जताया भरोसा एनजीटी ने स्पष्ट किया कि इन सभी बिंदुओं की जांच हाईकोर्ट द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। चूंकि पूरा मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए आयोग की रिपोर्ट और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी। रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। इस पर एनजीटी ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट की प्रति ई-मेल के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तीन सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां या जवाब प्रस्तुत कर सकें। 16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को निर्धारित की है। तब तक संबंधित पक्षों से जवाब और रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं प्राप्त होने की उम्मीद है। ये खबर भी पढ़ें… सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त…MP, UP-राजस्थान से जवाब मांगा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की प्रधान पीठ नई दिल्ली ने पेयजल में सीवेज की मिलावट पर मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों से जवाब मांगा है। एनजीटी ने इंदौर में गंदे पानी से मौत होने और भोपाल में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिलने का भी हवाला दिया है।पूरी खबर पढ़ें

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