इंदौर में 10वीं क्लास के स्टूडेंट का डीपफेक वीडियो बनाकर परिवार से 1 लाख से ज्यादा ठगने के मामले में क्राइम ब्रांच टेक्निकल एविडेंस कलेक्ट कर रही है। क्राइम ब्रांच की टीम को मामले में कई जानकारी और सुराग मिले हैं। जिस पर टीम काम कर रही है। संभवाना है कि अगले हफ्ते में टीम अलग-अलग जगह छापेमारी कर सकती है। दरअसल, इंदौर में 10वीं क्लास के छात्र की स्कूल की छुट्टियां होने पर परिवार ने उसे डांट दिया था। जिसके बाद वह ट्यूशन गया और वापस नहीं लौटा था। बच्चे के वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसके लापता होने की जानकारी, फोटो और कॉटेक्ट नंबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया था। बच्चे के लापता होने की शिकायत उन्होंने एमआईजी थाने में भी की थी। इधर, एक बदमाश ने बच्चे के फोटो का इस्तेमाल कर एक फेक वीडियो बनाया और परिवार के लोगों को वीडियो कॉल कर ऐसा बताया की बच्चे को उसने किडनैप कर रखा है। उसने बच्चे को चाकू मारते हुए दिखाया और डिमांड पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके बाद बदमाश ने क्यूआर कोड भेजकर 1 लाख 2 हजार रुपए ठग लिए। अगले दिन जब छात्र ने अपने दोस्त को कॉल कर बताया कि वह सांवरिया सेठ में है। परिवार ने जब उससे बात की तो पता चला कि उसका किडनैप हुआ ही नहीं था। इस पर उन्होंने मामले की शिकायत की थी और क्राइम ब्रांच ने मामले में जांच शुरू की है। टेक्निकल एविडेंस निकाल रही टीम एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम टेक्निकल एविडेंस निकाल रही है। इस पर टीम काम कर रही है। टेक्निकल एविडेंस मिलने के बाद संभवत: अगले हफ्ते टीम छापेमारी करने जा सकती है। बता दें क्राइम ब्रांच को ये जानकारी मिल चुकी है जिस नंबर से परिवार को कॉल किया था वह सिम हरियाणा की थी। जिस क्यूआर कोड से पैसा मंगवाया गया। वह यूपी के खाते में वह पैसा गया और बिहार के एक एटीएम से ये पैसा निकाला जा चुका है। क्राइम ब्रांच से बैंक खाते की जानकारी और एटीएम के फुटेज के लिए बैंक को ई-मेल भी किया जा चुका है।
