पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा पर आए मध्य प्रदेश के इंदौर के यात्री की मौत हो गई है। आज सुबह बर्फबारी के बाद वहां ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, जिसके बाद 27 साल के तिलक शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसके दोस्त उसे 37 किलोमीटर दूर गुंजी ITBP के अस्पताल में लेकर आए, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद से उसके दोस्त डरे हुए हैं। ITBP ने इसके बाद जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर परिजनों को सूचना दे दी है। परिवार वाले इंदौर से उत्तराखंड के लिए निकल चुके हैं। इस साल आदि कैलाश यात्रा 1 मई से शुरू हुई थी, जिसे मानसून के बाद 18 सितंबर से यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया गया था। सिलसिलेवार ढंग से खबर… 1. कल कार से आए थे 4 दोस्त- पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा पर आए मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी तिलक शर्मा की मौत हो गई। वह गुरुवार को अपने तीन दोस्तों के साथ कार से यात्रा पर पहुंचे थे। शुक्रवार को बर्फबारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने पर साथी 37 किलोमीटर दूर गुंजी स्थित ITBP अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देर रात शव धारचूला लाया गया। 2. परिजनों के आने तक सुरक्षित रखा जाएगा शव- घटना के बाद ITBP ने धारचूला पुलिस को सूचना दी। धारचूला कोतवाल एके सिंह के अनुसार, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर राजकीय चिकित्सालय में रखवाया है। पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतक के परिजन इंदौर से उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुके हैं। 3. इस साल यात्रा के दौरान अन्य श्रद्धालुओं की भी मौत- आदि कैलाश यात्रा इस साल 1 मई से शुरू हुई थी। मानसून के बाद 18 सितंबर से इसे दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था। इससे पहले मई में नागपुर के पीएम सुधीर और एक महीने पहले तेलंगाना की मान्धा देवम्मा की भी यात्रा के दौरान मौत हो चुकी है। 4. 14,600 फीट की ऊंचाई पर है आदि कैलाश का मुख्य पड़ाव- आदि कैलाश का मुख्य पड़ाव ज्योलिंगकांग समुद्र तल से करीब 14,600 फीट की ऊंचाई पर है। यहां कम वायुदाब के कारण मैदानी इलाकों से आने वाले यात्रियों को सांस लेने में परेशानी, सिरदर्द, चक्कर और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सांस लेने में तकलीफ होने पर इसे सामान्य थकान न समझें। ऐसी स्थिति में यात्रा रोककर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
