मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सिक्योरिटी गार्ड के मरीजों को इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ थी, लेकिन डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और अन्य जरूरी स्वास्थ्यकर्मी अपने कार्यस्थल पर नहीं थे। ऐसे में सिक्योरिटी गार्ड ही मरीजों का इलाज करता नजर आया। गार्ड की ड्रिप और इंजेक्शन लगाते तस्वीरें देखिए-
गार्ड बोला- जो कर सकते हो कर लो वीडियो बनाने वाले राकेश मौर्य ने बताया कि उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड को मरीजों को इंजेक्शन लगाते और ड्रिप चढ़ाते देखा। आपत्ति जताने पर गार्ड ने कहा, “जो कर सकते हो कर लो, हटवा दो मुझे।” राकेश मौर्य का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल में वार्ड बॉय मरीजों को इंजेक्शन लगाते और ड्रिप चढ़ाते दिखाई दिए हैं। इसके कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं। घटना के समय स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब थे। मंत्री राधा सिंह के स्थानीय निवासी आलोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। यहां अक्सर डॉक्टर और नर्स उपलब्ध नहीं होते हैं, जो मरीज आते हैं, उनका इलाज इसी तरह होता है। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह का विधानसभा क्षेत्र है। उनका घर अस्पताल से सिर्फ आधा किलोमीटर दूर है। डॉक्टरों की जगह अन्य लोग कर रहे इलाज मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में कई बार डॉक्टर और जरूरी स्टाफ समय पर उपलब्ध नहीं रहते। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की जगह अन्य कर्मचारियों द्वारा इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। CMHO ने दिए जांच के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पुष्पराज सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और वीडियो की सत्यता समेत सभी तथ्यों की पड़ताल होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई CMHO ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब का है, उसमें दिख रहा व्यक्ति किस जिम्मेदारी पर तैनात था और किन परिस्थितियों में वह मरीजों को इंजेक्शन और ड्रिप लगाता नजर आ रहा है। ……………………………………… यह खबर भी पढ़ें बीमार बच्चे के स्ट्रेचर VIDEO के बाद 10 पर एक्शन इंदौर के एमवाय अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने 11 साल के बच्चे को स्ट्रेचर से धकेलते हुए ले जाने के मामले में कार्रवाई की है। दो डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस और एक डॉक्टर का सात दिन का वेतन काटा है। तीन नर्सिंग ऑफिसरों की एक-एक दिन की सैलरी काटी है। सिक्योरिटी इंचार्ज और हेल्प डेस्क इंचार्ज की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…
