पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर जेल से रिहाई के बाद लापता हैं। अमित भटनागर के भाई अंकित भटनागर ने एक वीडियो जारी कर पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाए। अंकित का कहना था कि जब वे जमानत मिलने के बाद अमित को लेने जेल पहुंचे, तो पता चला कि उन्हें पुलिस और वन विभाग के लोग अपने साथ ले जा चुके हैं। उनका अपहरण किया गया। परिवार को इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी न मिलने के कारण अंकित ने अमित की जान को खतरा बताते हुए कलेक्टर और एसपी से मदद मांगी। पन्ना टाइगर रिजर्व ने की गिरफ्तारी की पुष्टि मामले के तूल पकड़ने के बाद पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि अमित भटनागर को पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में पकड़ा है। आरोप है कि कुछ समय पहले एक प्रदर्शन के दौरान अमित बिना अनुमति टाइगर रिजर्व के ‘कोर एरिया’ (दौड़न बांध क्षेत्र) में दाखिल हुए थे, जो प्रतिबंधित है। लेकिन इस संबंध में जब दैनिक भास्कर ने डिप्टी डायरेक्टर से पूछा कि परिजन अपहरण का आरोप लगा रहे हैं, उनका कहना है कि परिवार को गिरफ्तारी की कोई भी सूचना नहीं दी गई है। आदिवासियों और किसानों में भारी गुस्सा अमित भटनागर लंबे समय से केन-बेतवा और रुंझ बांध परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों और आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे मुआवजे और सर्वे में हो रही धांधली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनकी इस दोबारा गिरफ्तारी की खबर मिलते ही आंदोलनकारी किसानों में गुस्सा देखा जा रहा है। जीतू पटवारी ने की मुलाकात इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आज अमित भटनागर से मिलने पहुंचे। इससे पहले भी उनकी गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासियों और किसानों ने एसपी ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए इलाके में तनाव का माहौल है।
