Homeमध्यप्रदेश'अगला मुख्यमंत्री.. मामा हैं' नारे लगे, शिवराज ने रोका:विजयवर्गीय मांगें अच्छे दिन,...

‘अगला मुख्यमंत्री.. मामा हैं’ नारे लगे, शिवराज ने रोका:विजयवर्गीय मांगें अच्छे दिन, प्रहलाद बोले- हमें मुक्ति चाहिए, मंत्री ने ‘महाकाल’ से की ‘मोहन’ की तुलना

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मामा को सीएम बनाने के लगे नारे
दतिया उपचुनाव में प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने ‘अगला मुख्यमंत्री, मामा है…’ के नारे लगने लगे। इस पर खुद शिवराज सिंह को नारे लगा रहे लोगों को टोकना पड़ा। उन्होंने कहा- मेरा मन संतोष से भरा है। हुआ यूं कि चुनावी सभा के दौरान किसी ने ‘आई लव यू, मामा’ कहा। इस पर शिवराज सिंह ने भी ‘आई लव यू टू’ कहा और फ्लाइंग किस दिया। उन्होंने कहा, ‘बहुत दिनों से आपकी याद आ रही थी। क्या आपको भी मेरी याद आ रही थी?’ इसके बाद जनता से बोले, ‘तुमसे मिलने को जी करता है रे बाबा।’ शिवराज की इस बात पर कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ युवकों ने ‘अगला मुख्यमंत्री, मामा है…’ के नारे लगाए। इस पर शिवराज ने उन्हें रोक दिया। इस पूरे वाकये को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। फिर छलका मंत्री विजयवर्गीय का दर्द
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का दर्द एक बार फिर छलकता नजर आया। उन्होंने मंच से कहा, ‘हो सकता है, मेरा भी अच्छा समय आ जाए।’ दरअसल, एक कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर नगर और ग्रामीण जिला भाजपा अध्यक्षों के बीच बैठे थे। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘इन दोनों का अच्छा समय चल रहा है। मैं इनके बीच में बैठा हूं, तो शायद हो सकता है कि मेरा भी अच्छा समय आ जाए।’ अब कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान को लोग उनके दर्द से जोड़कर देख रहे हैं। बता दें कि विजयवर्गीय ने हाल ही में मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अपनी उपेक्षा किए जाने की बात कही थी। अब विजयवर्गीय के इस बयान पर लोग चुटकी ले रहे हैं कि जब वे अभी मंत्री हैं, तो फिर उनके ‘अच्छे समय’ से आखिर क्या मतलब है? लगता है, मन में अभी कुछ और बनने की हसरत बाकी है। मंत्री प्रहलाद पटेल को चाहिए ‘मुक्ति’
दतिया उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया। उमरिया में इस पर मीडिया ने मंत्री प्रहलाद पटेल से सवाल किया- ‘क्या आपको भय नहीं लगता? अगला नंबर आपका आ गया तो?’ इस पर प्रहलाद पटेल ने जवाब दिया- ‘हम तो चाहते हैं कि मुक्त हो जाएं।’ मंत्री ने आगे कहा कि इसमें भय लगने जैसा क्या है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी में आदमी पद के लिए नहीं जीता। आप ये बात कांग्रेस से पूछिए। हम लोगों को तो कभी भी नमस्कार कह दिया जाता है।’ अब एकदम खरे सवाल पर मंत्री के इस संतुलित जवाब की जमकर चर्चा हो रही है। लोग यह भी कह रहे हैं कि मंत्री जी अपनी पार्टी की रीति-नीति को अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए हर स्थिति के लिए तैयार हैं। भाजपा को यूं ही ‘पार्टी विद डिफरेंस’ नहीं कहा जाता! विधायक ने सीएम को बताया ‘जादूगर’
‘मेरा मन जैसा चाहे, कर दो ना…
हर दम हम मुस्कुराएं, कुछ ऐसा कर दो ना…
सुना है मोहन भैया, आप तो जादूगर हैं…
मेरी सारी मांगों को पूरा कर दो ना…’ निवाड़ी से भाजपा विधायक अनिल जैन ने शायराना अंदाज में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी बात रखी। विधायक ने सीएम को ‘जादूगर’ बताया तो मुख्यमंत्री भी मुस्कुरा दिए। जब मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के संबोधन की बारी आई तो वे विधायक अनिल जैन से एक कदम आगे निकल गए। मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तुलना भगवान महाकाल से कर दी। मंत्री ने कहा, ‘कहते हैं न कि भोले भंडारी… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महाकाल बाबा की नगरी से आते हैं और जैसे महाकाल बाबा बिल्कुल भोले हैं, वैसे ही सीएम मोहन यादव भी हैं।’ पहले विधायक ने सीएम की जमकर तारीफ की और फिर मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने उनकी तुलना भगवान महाकाल से कर दी। अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि लगता है, मंत्री-विधायकों में ‘मोहन महिमा’ गाने की होड़ मची है। और अब अंदर की बात.. ‘पंडित जी’ पर लगेगा पार्टी का पहरा
दतिया उपचुनाव में एक पार्टी हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। पार्टी की नजर अपने ही उन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर है, जिनसे वोट कटने का डर है। सुना है कि रिजल्ट आने के बाद ऐसे लोगों को सबक सिखाने का मन भी बना लिया गया है, ताकि कड़ा संदेश दिया जा सके। बात तो यहां तक हो रही है कि ‘पंडित जी’ भी सर्विलांस पर लिए जा सकते हैं। प्रचार अभियान खत्म होने के बाद कुछ नेता साये की तरह उनके आसपास मंडराते नजर आ सकते हैं। पार्टी की यह सुनी-सुनाई रणनीति सामने आई तो सियासी गलियारों में भी कानाफूसी शुरू हो गई। लोग कहने लगे कि क्या पार्टी को अब अपने ही लोगों की निष्ठा और आस्था पर भरोसा नहीं रहा? इनपुट सहयोग – राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), संतोष शितोले (इंदौर), शैलेंद्र चतुर्वेदी (उमरिया), मयंक दुबे (निवाड़ी) ये भी पढ़ें –
भाजपा की ‘बाय वन, गेट वन’ जैसी चुनावी स्कीम: महाराज की एक्टिंग, कांग्रेस का मजाक उड़ाया सीएम डॉ. मोहन यादव भाजपा के पक्ष में प्रचार करने दतिया पहुंचे तो उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को मंच पर अपने पास बैठाया। इतना ही नहीं, अपने संबोधन में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को साथ में खड़ा कर उन्होंने कहा कि ये एक और एक ग्यारह हैं। ये राम-लक्ष्मण की जोड़ी है। पूरी खबर पढ़ें

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here