शिप्रा नदी पर बने छोटे पुल को पिछले साल कार्तिक मेला लगने के ऐनवक्त पर तोड़ दिया था, जिसके चलते मेले में पहुंचने वालों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसे तोड़ने का काम अक्टूबर 2025 में शुरू किया था। इसे तोड़ने से लेकर नया बनने की अवधि 18 माह की है। जो जून 2027 में पूरी होगी। अभी करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कार्तिक मेला 24 नवंबर से शुरू होने वाला है। पुल टूटने के कारण मुख्य और सीधा रास्ता बंद हो गया। इसलिए पिछले साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को रामघाट पर स्नान के लिए लंबे रूट यानी बड़े पुल या अन्य मार्गों का उपयोग करना होगा। थोड़ी बाढ़ में ही डूब जाता था पुल
यह छोटा पुल काफी नीचे बना हुआ था, जिसके कारण मानसून के दौरान इंदौर और देवास में तेज बारिश होने पर शिप्रा का जलस्तर बढ़ते ही यह पुल अक्सर पानी में डूब जाता था।
