पीएम नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का मोबाइल ऐप लॉन्च किया। उन्होंने कहा, भारत G20 में इकलौता ऐसा देश है, जिसने पेरिस में कॉप-21 समिट में जो भी कमिटमेंट किए थे, उन्हें समय से पूरा करके दिखाया है। 12 साल पहले भारत की सोलर एनर्जी करीब 2 गीगावाट थी, आज यह 160 से ज्यादा गीगावाट हो चुकी है। दरअसल, पेरिस में 2015 में हुए कॉप-21 सम्मेलन में भारत ने पर्यावरण को लेकर तीन बड़े लक्ष्य तय किए थे। पहला, 2030 तक 2005 के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता 33–35% कम करना था। दूसरा, 2030 तक देश की बिजली क्षमता का करीब 40% हिस्सा गैर-जीवाश्म ऊर्जा से तैयार करना था। तीसरा, पेड़ और जंगल बढ़ाकर 2.5-3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखने की क्षमता तैयार करना था। मोदी ने कहा- भारत दुनिया में पर्यावरण सुरक्षा के नए मापदंड स्थापित कर रहा, 6 बड़ी बात पेरिस कॉप-21 क्या है? पेरिस कॉप-21 जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के तहत आयोजित 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था, जो 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2015 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ था। इसमें करीब 195 देशों ने हिस्सा लिया और पेरिस समझौता अपनाया गया। इसका उद्देश्य दुनिया के औसत तापमान में बढ़ोतरी को 2°C से काफी नीचे रखना और 1.5°C तक सीमित करने की कोशिश करना था। इसके तहत हर देश ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपने-अपने लक्ष्य तय किए थे। ————– ये खबर भी पढ़ें… भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी:PM बोले- भारतीय चिप की दुनियाभर में सप्लाई शुरू; इसकी कमी से फोन-कार महंगे सरकार भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी में है। PM मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें एडिशन का उद्घाटन किया। पूरी खबर पढ़ें…
