मध्यप्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 2 मई से शुरू होने जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस बार नए आवेदकों को पंजीयन करना होगा, जबकि पहले से पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए प्रोफाइल अपडेट और दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल 3.0 के माध्यम से संचालित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के किसी भी आवेदक का स्कोर कार्ड जनरेट नहीं होगा, जिससे वह भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेगा। इसलिए सभी इच्छुक कैंडिडेट्स को तय समयसीमा में जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग ने पदों की कुल संख्या स्पष्ट नहीं की है, लेकिन यह प्रक्रिया प्रदेश के स्कूलों में विषयवार रिक्त करीब 10 हजार पदों को भरने के लिए संचालित की जा रही है। इसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों की आवश्यकता के अनुसार चयन किया जाएगा। पुराने कैंडिडेट्स को करनी होगी प्रोफाइल अपडेट भर्ती पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से “अतिथि शिक्षक पोर्टल 3.0” पर की जाएगी। नए आवेदकों को पहले पंजीयन करना होगा, जबकि पुराने उम्मीदवारों को अपनी प्रोफाइल अपडेट करनी होगी। इसके बाद सभी आवेदकों को अपने शैक्षणिक, व्यावसायिक योग्यता और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे। प्रोफाइल लॉक करने के बाद आवेदकों को संकुल प्राचार्य के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। सत्यापन के बाद ही स्कोर कार्ड तैयार किया जाएगा, जो मेरिट तय करने का आधार बनेगा। साथ ही, इस बार पहले ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। प्रक्रिया की महत्वपूर्ण तारीखें प्रिंसिपल करेंगे दस्तावेज का सत्यापन विभाग के अनुसार यदि कोई आवेदक दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसका स्कोर कार्ड जनरेट नहीं होगा। ऐसे अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। सत्यापन के दौरान संकुल प्राचार्य आवेदक के मूल दस्तावेजों से मिलान कर जानकारी को पोर्टल पर स्वीकार (Accept) या अस्वीकार (Reject) करेंगे। यदि जानकारी गलत पाई जाती है तो आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा, जिसे आवेदक दोबारा सुधार कर जमा कर सकता है। महत्वपूर्ण निर्देश और सावधानियां मेरिट के आधार पर होगा चयन अतिथि शिक्षक भर्ती में चयन स्कोर कार्ड के आधार पर होगा। यह स्कोर आवेदक की शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण ( B.Ed) और शिक्षक पात्रता परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा। उच्च स्कोर वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय जिला और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को मोबाइल नंबर अपडेट कराने और सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं संकुल प्राचार्य को ओटीपी आधारित सत्यापन करना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला, विकासखंड और संकुल स्तर पर इस प्रक्रिया का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थी समय पर पंजीयन और सत्यापन कर सकें।
