राज्यसभा में मध्य प्रदेश कोटे की खाली 3 सीटों पर उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी कर दी गई है। रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने बुधवार को जो सूची जारी की है, उसमें बीजेपी कैंडिडेट्स तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल के नाम शामिल हैं। इससे पहले 9 जून को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ बुधवार दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का फैसला गलत है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा शामिल थे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोग ने मामले पर 2 घंटे में फैसला लेने का आश्वासन दिया था। हालांकि, देर रात तक मामले में आयोग की ओर से कोई अपडेट नहीं आया। अब रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है। चुनाव आयोग के निर्णय में देरी को भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा। पटवारी बोले- कोई जवाब नहीं मिला सूत्रों का कहना है कि इलेक्शन कमीशन ने कांग्रेस की शिकायत खारिज कर दी है। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- दिल्ली में मौजूद नेताओं से बातचीत हुई है। अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। CEO दफ्तर के गेट पर संघ की यूनिफॉर्म टांगी इधर, भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यूनिफॉर्म दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी। इससे पहले मंगलवार को नटराजन का नामांकन खारिज करने के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। सिंघवी की 4 बड़ी बातें…. संज्ञान लिए बिना मामला लंबित नहीं माना जा सकता- किसी भी आपराधिक मामले में सबसे पहले मजिस्ट्रेट यह तय करते हैं कि उसकी सुनवाई शुरू होगी या नहीं। इसे संज्ञान लेना कहा जाता है। जब तक अदालत संज्ञान नहीं लेती, तब तक मामला शुरू हुआ नहीं माना जाता। उम्मीदवार को हर मामले की जानकारी देना जरूरी नहीं- चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सिर्फ उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है, जिनमें दो साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो और जिनमें अदालत आरोप तय कर चुकी हो। यह जांचना रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी है। अभी संज्ञान भी नहीं, फिर नामांकन कैसे रद्द हुआ?- इस मामले में अभी मजिस्ट्रेट ने संज्ञान तक नहीं लिया है। इसके बाद जांच होगी, चार्जशीट दाखिल होगी और फिर आरोप तय होंगे। यानी अभी कई कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं। इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे लंबित आपराधिक मामला मानते हुए नामांकन रद्द कर दिया। चुनाव आयोग के पास फैसला बदलने का अधिकार- चुनाव आयोग रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला बदलने या रद्द करने का पूरा अधिकार रखता है। आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के मामलों में ऐसा कर चुका है। इसलिए इस मामले में भी कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में प्रदर्शन में किस नेता ने क्या कहा? राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे कांग्रेस विधायक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- राज्यसभा सीट की चोरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस विधायक शुक्रवार को दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलेंगे। राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे। चुनाव आयोग ने अंबानी के करीबी का नामांकन वैध माना कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- मध्य प्रदेश और झारखंड में भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। भाजपा समर्थित अंबानी के करीबी परिमल नथवानी के हलफनामे में तीन गलतियां थीं, इसके बावजूद उनका नामांकन वैध माना गया। दिग्विजय बोले- लोकतंत्र की हत्या हुई पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा- लोकतंत्र की हत्या हुई है। देश गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है और भाजपा सरकार झूठी खबरें और झूठा प्रचार करेगी। कार्यकर्ताओं और जनता पर भरोसा रखने की बात कही। चुनाव आयोग के साथ मिलकर भाजपा ने सीट चोरी की नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा – देश में अब तक वोट चोरी की बात होती थी, लेकिन अब सीट चोरी की जा रही है। रिटर्निंग ऑफिसर अकेले ऐसा फैसला नहीं ले सकते। चुनाव आयोग के साथ मिलकर भाजपा और आरएसएस के लोगों ने सीट की चोरी की। जंडेल ने पीएम मोदी-शाह को लल्लू-चप्पू बताया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने कहा- जैसे महाभारत में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था, वैसे ही मीनाक्षी नटराजन का चीरहरण हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लल्लू-चप्पू बताया है। भूरिया बोले- चुनाव आयोग में दलाल भरे पड़े आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि यह चुनाव आयोग नहीं, बल्कि दलाल आयोग है। आयोग में दलाल भरे पड़े हैं। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा- इस लड़ाई में अगर जान की बाजी लगानी पड़े, खून बहाना पड़े या जेल जाना पड़े, तो कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। राज्यसभा चुनाव- झारखंड में परिमल नाथवानी का नामांकन वैध झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर ने वैध ठहरा दिया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नाथवानी के पर्चे में कुछ त्रुटियां मिलने की बात सामने आई थी। इसके खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में जमकर हंगामा किया। परिमल नाथवानी के नामांकन को रद्द करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कैंडिडेट का नाम कैसे बदल गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि 2008 के राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार का नाम ‘परिमल नाथवानी’ दर्ज था, जबकि 2026 के नामांकन पत्र में ‘नाथवानी परिमल’ लिखा गया है, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। पढ़ें पूरी खबर खबर के मिनट-टु-मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
