कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि, पटना में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान एक व्यक्ति की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ इस बयान के बाद मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमला बोला है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि क्या खरगे ने सोनिया गांधी या राहुल गांधी के इशारे पर यह बयान दिया है? उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं है, तो क्या कांग्रेस खरगे से इस्तीफा लेगी? मंत्री विश्वास सारंग और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी बयान की आलोचना की। मोहन यादव बोले- राजनीति में मर्यादा बनाए रखना जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगे की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। राजनीतिक विरोध के दौरान भी गरिमा और शालीनता का ध्यान रखा जाना चाहिए। शिवराज बोले- क्या सोनिया-राहुल के इशारे पर दिया बयान? केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरगे जैसे वरिष्ठ नेता से मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में दिवंगत आत्मा का सम्मान किया जाता है। यहां तक कि दुश्मन के प्रति भी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं होता। उन्होंने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में की गई टिप्पणी को भारतीय सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों के खिलाफ बताया। शिवराज ने सोनिया गांधी से सवाल किया कि क्या खरगे ने यह भाषा उनके या राहुल गांधी के इशारे पर इस्तेमाल की है? क्या इस तरह की अमर्यादित भाषा को गांधी परिवार का समर्थन प्राप्त है? यदि ऐसा नहीं है, तो क्या वे खरगे से इस्तीफा लेंगी? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में जवाब देना चाहिए। शिवराज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पद को गांधी परिवार अपनी बपौती समझता था, जबकि नरेंद्र मोदी करोड़ों लोगों के दिलों में बसते हैं। इस तरह की टिप्पणी करके जनता का समर्थन नहीं जीता जा सकता। रामेश्वर शर्मा बोले- कांग्रेस राजनीतिक दल नहीं, गुंडों का गिरोह बन गई भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि पहले राहुल गांधी और पार्टी के दूसरे नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते थे, अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी उसी तरह बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि खरगे वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने संसदीय परंपराओं को देखा है। ऐसे में उन्हें भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए था। शर्मा ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं के प्रति अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस नेताओं की ऐसी बयानबाजी का जवाब देगी। विश्वास सारंग बोले- खरगे ने हद कर दी मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माता के बारे में टिप्पणी के बाद अब उनके स्वर्गीय पिता को लेकर इस तरह की बातें करना शोभा नहीं देता। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए इतना नीचे उतरना भारतीय संस्कार नहीं हैं। सारंग ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसी शब्दावली का कोई स्थान नहीं है। खरगे ने जो कहा है, वह अक्षम्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़ रही है। पटना में भाषण के दौरान हुआ विवाद रविवार को पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे भाषण दे रहे थे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर निशाना साध रहे थे। तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी नहीं जाने वाले हैं। इस पर खरगे ने जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ और वहां मौजूद लोगों ने टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पिटाई कर दी। बाद में उस व्यक्ति ने कहा कि उसकी पूरी बात नहीं सुनी गई थी। उसका दावा था कि वह कह रहा था कि विद्रोह के बिना मोदी नहीं जाएंगे। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा नेताओं ने खरगे की टिप्पणी पर सवाल उठाए और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। यहां पढ़ें पूरी खबर…
