मध्यप्रदेश के राजगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता विनोद साहू को जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स से मारपीट के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) वीर सिंह धाकड़ ने उन्हें तीन माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में घटना के वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अहम साक्ष्य माना। मेडिकल रिपोर्ट में स्टाफ नर्स के हाथ में चोट की पुष्टि हुई, जबकि अभियोजन ने शिकायतकर्ता, प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सक और विवेचक के बयान भी पेश किए। न्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मारपीट का आरोप साबित माना। हालांकि, अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर साबित नहीं हुए, इसलिए कोर्ट ने उन धाराओं से बरी कर दिया।
घर के सामने रेलिंग लगाने पर था विवाद
मामला 16 जून 2024 का है। जिला अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स मीनाक्षी कुबड़े ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनके शासकीय आवास के सामने रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि इसी विवाद के दौरान विनोद साहू उनके घर पहुंचे, अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर हाथ-थप्पड़ों से मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वे फावड़ा लेकर उन्हें मारने दौड़े थे। दो आरोपों में सबूत नहीं मिलने पर बरी
शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने धारा 323 के तहत मारपीट का आरोप सिद्ध मानते हुए सजा सुनाई, जबकि धारा 294 और 506 के तहत लगे आरोपों में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष का VIDEO
राजगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू पर FIR दर्ज की है। एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने विनोद साहू पर मारपीट के आरोप लगाए थे। महिला का कहना है कि मेरे सरकारी आवास पर गेट लगाने की बात पर नगर पालिका अध्यक्ष वहां आए और मेरे साथ मारपीट की। वे फावड़ा उठाकर मुझे मारने आए। इस दौरान लोगों ने मुझे बचाया। पूरी खबर पढ़ें…
